स्वतंत्रता दिवस पर PM के संबोधन को मायावती ने बताया चुनावी भाषण, कहा- नहीं मिली कोई उम्मीद

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लाल किले से दिए गए संबोधन को बसपा सुप्रीमों ने पूर्ण रुप से राजनीतिक शैली का चुनावी भाषण बताया। उन्होंने कहा कि इस लम्बे-चौड़े भाषण से सवा सौ करोड़ आबादी वाले देश को ना तो नई ऊर्जा मिली और ना ही कोई नई उम्मीद। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश की आम जनता को उसके जान-माल व मजहब की सुरक्षा की अति-महत्त्वपूर्ण संवैधानिक गारंटी का आश्वासन देना भी भूल गए जबकि यह आज देश की आवश्यकता नम्बर वन बन गई है।
मायावती ने जारी एक बयान में कहा कि उन्हें ऐसा राजनीतिक भाषण संसद में देना चाहिए था ताकि वहां सरकार की जवाबदेही तय हो सके तथा उनकी सरकार के अनेकों प्रकार के दावों की सत्यता को कसौटी पर परखा जा सके। लाल किले से भाषण देश को नई उम्मीद जगाने व नया विश्वास दिलाने के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लाल किले के भाषण को राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता तो बेहतर होता, लेकिन ऐसा लगता है कि भाजपा अपनी संकीर्ण व विद्वेष की राजनीति से ऊपर उठकर काम करने वाली नहीं है।