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बाप-दादा से बेटे तक सब ने की सीमा की रक्षा, फौजी की पत्नी बोली- खालिस्तानी होते तो फौज में बेटा ना होता
- किसानों के जज्बे से भरे आंदोलन को गोदी मीडिया और कुछ लोग खालिस्तान से जोड़ रहे और आंदोलन को देशविरोधी बता रहे।
- इस बीच सिंघु बॉर्डर पार मौजूद एक फौजी की पत्नी ने सरकार की आंख खोलने की कोशिश की और मांग की कि कानूनों को रद्द किया जाए।
- 51 साल की सुरेंद्र कौर लंगर में अपनी सेवा दे रही, वो बताती हैं कि उनके पति पिछले 30 साल से सीमा की रक्षा कर रहे और अब उनका बेटा गलवान घाटी में तैनात है।
- उन्होंने कहा कि हमें खालिस्तानी कहा जा रहा, सरकार बताए हम कहा के खालिस्तानी है, हम आहार देशविरोधी है तो फौज में भर्ती क्यों करते है।
- कौर ने कहा कि बॉर्डर पर सरदार को जाना हो तो ठीक लेकिन जब वो हक के लिए लड़े तो खालिस्तानी, जिस जमीन के लिए लड़ रहे वो भी हमारी है।
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