अध्यक्ष ने कहा— वीडियो में दिख चुका है दोषी, लेकिन नाम नहीं लूंगा
जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, अध्यक्ष सतीश महाना ने इस विषय को सबसे पहले उठाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "आज सुबह मुझे सूचना मिली कि विधानसभा के हॉल में किसी माननीय सदस्य ने पान मसाला खाकर थूक दिया। मैंने स्वयं आकर उसे साफ करवाया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि यह किसने किया, लेकिन मैं किसी का अपमान नहीं करना चाहता।"
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा सिर्फ किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि 403 विधायकों और प्रदेश की 25 करोड़ जनता की है। इसे गरिमामय और स्वच्छ बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।
"स्वयं आकर बताएं, वरना बुलवाना पड़ेगा"
अध्यक्ष महाना ने दो टूक शब्दों में कहा कि "जिस विधायक ने यह कृत्य किया है, उसकी पहचान हो चुकी है। यदि वह स्वयं आगे आकर अपनी गलती स्वीकार कर लेता है, तो ठीक है, अन्यथा मुझे उसे बुलवाना पड़ेगा।"
उन्होंने सभी विधायकों से अपील की कि यदि वे किसी साथी सदस्य को ऐसी अनुचित हरकत करते देखें, तो उसे तत्काल रोकें। "यह सदन हम सभी की मर्यादा और उत्तर प्रदेश की जनता की आस्था का केंद्र है। इसे साफ-सुथरा और सम्मानजनक बनाए रखना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है," अध्यक्ष ने कहा। यह घटना न केवल सदन की गरिमा पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन और स्वच्छता बनाए रखने के लिए जनप्रतिनिधियों को स्वयं एक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।





