नई दिल्ली: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड (2022) के मामले में एक बार फिर सियासत और इंसाफ की मांग तेज हो गई है। हाल ही में भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली में इंडिया गेट के बाहर रात के वक्त धरना शुरू कर दिया है। इस प्रदर्शन में महिला एक्टिविस्ट्स और कांग्रेस नेता भी उनके समर्थन में पहुंचे हैं।
वीआईपी और राजनीतिक संरक्षण के आरोप
यह पूरा मामला 2022 का है जब ऋषिकेश के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्य (पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा) सहित तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
हालांकि, पीड़िता के परिवार और विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इस हत्याकांड के दौरान जिस 'वीआईपी' के लिए अंकिता पर अनुचित दबाव बनाया गया था, वह भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम थे। परिवार का कहना है कि जब इस मामले की जांच और सवाल उठाए जा रहे हैं, ऐसे समय में दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाकर उन्हें एक तरह से सुरक्षा या 'इम्युनिटी' दी जा रही है।
इंसाफ की गुहार और तीखे सवाल
धरने पर बैठे माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी को इंसाफ दिलाने और उस अज्ञात वीआईपी व वीवीआईपी चेहरों को बेनकाब करने की मांग को लेकर उन्हें राष्ट्रीय राजधानी तक में संघर्ष करना पड़ रहा है। मध्य रात्रि में इंडिया गेट पर दिए जा रहे इस धरने ने देश की कानून व्यवस्था और वीआईपी संस्कृति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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