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Delhi Polls: मनीष सिसोदिया ने मनोज तिवारी को दी नसीहत, कहा 'सस्ते ट्रोलर जैसा व्यवहार न करें'

पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा सांसद मनोज तिवारी पर निशाना साधते हुए उन्हें झूठी जानकारी फैलाने और सांसद पद की गरिमा का ख्याल रखने की नसीहत दी।

Delhi Polls: मनीष सिसोदिया ने मनोज तिवारी को दी नसीहत, कहा 'सस्ते ट्रोलर जैसा व्यवहार न करें'
फोटो: Manish Sisodia, Manoj Tiwari
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा सांसद मनोज तिवारी पर निशाना साधते हुए उन्हें झूठी जानकारी फैलाने और सांसद पद की गरिमा का ख्याल रखने की नसीहत दी। यह विवाद तब शुरू हुआ जब मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का एक 9 सेकंड का एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया।

क्या है विवाद? 


मनोज तिवारी द्वारा साझा किए गए वीडियो में अरविंद केजरीवाल को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "तो हम लोग बैठे थे, कोई कह रहा था कि जिसने संविधान लिखा होगा, उसने भी दारू पीकर ही संविधान लिखा होगा।" इस वीडियो को साझा करते हुए तिवारी ने लिखा, "मुझे दिल्ली के आम आदमी पार्टी के मुखिया का यह मुस्कान भरा वीडियो मिला। इसे सुनकर हर कोई इनका असली रंग देख पाएगा।" इस पर पलटवार करते हुए मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, "मनोज तिवारी, सांसद हो, थोड़ी तो शर्म करो। झूठ फैलाना बंद करो और सस्ते ट्रोलर्स जैसा बर्ताव मत करो। अपनी नहीं तो सांसद पद की इज्जत तो करो।"

मनोज तिवारी का पलटवार 


मनीष सिसोदिया की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि बहस में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने लिखा, "मनीष सिसोदिया, आप इतने तमतमा गए कि मुझे बेशर्म कह दिया। खैर, आपके जो भी संस्कार हों, लेकिन पटपड़गंज की जनता के सवालों से बच नहीं सकते। इस वीडियो में जो कहा गया है, मैं वही लोगों को बता रहा हूं।" तिवारी ने यह भी सवाल उठाया कि अरविंद केजरीवाल संविधान निर्माताओं के बारे में ऐसी बात कहने की हिम्मत कैसे कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, "केजरीवाल यह कैसे कह सकते हैं कि जिसने संविधान लिखा, उसने शराब पीकर लिखा होगा? यह बयान न केवल आपत्तिजनक है बल्कि संविधान निर्माताओं का अपमान भी है।"   दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान भले ही न हुआ हो, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से माहौल गरमाने लगा है। यह विवाद केवल वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों पार्टियों के बीच तीखी बयानबाजी और चुनावी रणनीति का हिस्सा बन गया है।

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