झोटा की हत्या के खिलाफ पंजाब बंद
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में आज पंजाब में बंद का आयोजन किया गया है, जो सुबह 6:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक चलेगा। मानसा में इस बंद का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है, जबकि अन्य क्षेत्रों से भी समर्थन मिलने की खबरें आ रही हैं। अमृतसर में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और मानसा को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
झोटा के पिता भीम सैन ने शव को लेने से इंकार करते हुए इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। बंद के दौरान एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को पूर्ण रूप से छूट दी गई है।
राजनीतिक दलों और किसान संगठनों का समर्थन
पंजाब बंद को कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, शिरोमणि अकाली दल और अन्य क्षेत्रीय संगठनों का समर्थन प्राप्त है। किसान संगठनों ने भी इस बंद में भाग लेने की अपील की है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने भी बंद का समर्थन किया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने झोटा की हत्या की पूरी जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।
लुधियाना, पठानकोट, गुरदासपुर, बठिंडा, मानसा और जालंधर में प्राइवेट स्कूल-कॉलेज बंद हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में छुट्टी नहीं है। बठिंडा में किसान संगठन सिद्धूपुर ने हाईवे को जाम कर दिया है और कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया है।
अमृतसर में किसानों का प्रदर्शन
अमृतसर में गोल्डन गेट के सामने बड़ी संख्या में किसान एकजुट होकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने नशे के बढ़ते प्रभाव और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई है। पटियाला में एक टोल प्लाजा को फ्री कर दिया गया है, जिससे किसानों ने अपनी नाराजगी जताई।
इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने झोटा की हत्या के मामले में कड़ी कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने पंजाब पुलिस को मामले की गहराई से जांच करने के निर्देश दिए हैं। सीएम मान ने कहा कि राज्य सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है और नशे के सौदागरों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।





