इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुए अब्दुल्ला आजम, कहा- पिता के लोकसभा चुनाव जीतने की वजह से किया जा रहा परेशान
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इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुए अब्दुल्ला आजम, कहा- पिता के लोकसभा चुनाव जीतने की वजह से किया जा रहा परेशान

By News18 calender  26-Aug-2019

इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुए अब्दुल्ला आजम, कहा- पिता के लोकसभा चुनाव जीतने की वजह से किया जा रहा परेशान

रामपुर (Rampur) से सपा सांसद आजम खान (Azam Khan) के बेटे अब्दुल्ला आजम खान (Abdullah Azam Khan) सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में पेश हुए और अदालत में अपना बयान दर्ज कराया. इस मौके पर उन्होंने अपने निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका को राजनीति से प्रेरित बताया. उन्होंने कहा कि बगैर किसी तथ्य के उनकी जन्मतिथि को लेकर उन्हें अदालत में घसीटा जा रहा है.अब्दुल्ला आजम ने कहा कि उनकी गलती है कि उनके वालिद रामपुर से लोकसभा चुनाव जीत गए. इसीलिए  उन्हें तरह-तरह के मुकदमे दर्ज कर परेशान किया जा रहा है.

अब्दुल्ला के खिलाफ दाखिल है चुनाव याचिका

स्वार विधानसभा सीट से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दाखिल चुनाव याचिका में उनके चुनाव लड़ने की योग्यता पर सवाल खड़े करते हुए उनका निर्वाचन रद्द करने की मांग की गई है. अदालत में पेश हुए अब्दुल्ला आजम ने कोर्ट को बताया कि जब वे एमटेक कर रहे थे तो हाई स्कूल सहित अन्य प्रमाणपत्रों में दर्ज जन्मतिथि उन्होंने परिवर्तन करा ली है. जबकि हाईस्कूल में जन्मतिथि परिवर्तित कराने के लिए सीबीएसई बोर्ड को भी अर्जी दी गई है, जो कि लंबित है.

कोर्ट में दर्ज कराया बयान
अब्दुल्ला आजम ने कोर्ट को बताया कि उनके पासपोर्ट पर जन्मतिथि संशोधित हो चुकी है. अब्दुल्ला ने कहा कि उनका जन्म क्वींस मैरी हॉस्पिटल लखनऊ में 30 सितम्बर 1990 को हुआ था. अब्दुल्ला आजम का बयान अधिवक्ता एनके पांडेय के जरिए दर्ज कराया गया. जबकि पारिवारिक मित्र शाहजेब ने भी कोर्ट में गवाही दी कि वे अब्दुल्ला को नर्सरी कक्षा में प्रवेश कराने गये थे. उन्होंने कोर्ट को बताया कि अध्यापक ने जन्मतिथि स्वयं दर्ज कर ली.

11 सितम्बर को अगली सुनवाई

इससे पहले 31 जुलाई को अदालत में अब्दुल्ला की मां तन्जीम फातिमा, डॉ उमा, विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित कुल 9 गवाहों के बयान हो दर्ज चुके हैं. नवाब काजिम अली की ओर से दाखिल चुनाव याचिका में हाईस्कूल की जन्मतिथि के आधार पर चुनाव लड़ने को अयोग्य करार देते हुए चुनाव रद्द करने की मांग की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि अब्दुल्ला की उम्र चुनाव लड़ते समय 25 वर्ष की नहीं थी. उन्होंने गलत जन्मतिथि दर्ज कराकर चुनाव लड़ा. जिसके आधार पर चुनाव रद्द किया जाये. 11 सितम्बर को मामले की अगली सुनवाई होगी. जस्टिस एसपी केशरवानी की एकलपीठ मामले की सुनवाई कर रही है.

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