जनप्रतिनिधि के रूप में पीएन के 40 साल पूरे, कहा-संवेदनशील होंगे तभी जनता बार-बार चुनेगी
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जनप्रतिनिधि के रूप में पीएन के 40 साल पूरे, कहा-संवेदनशील होंगे तभी जनता बार-बार चुनेगी

By Jagran calender  24-Aug-2019

जनप्रतिनिधि के रूप में पीएन के 40 साल पूरे, कहा-संवेदनशील होंगे तभी जनता बार-बार चुनेगी

नॉटआउट बल्लेबाज की तरह कोयलांचल की राजनीति में सांसद पीएन सिंह बल्लेबाजी कर रहे हैं। एक जनप्रतिनिधि के तौर पर उन्होंने 40 साल पूरे कर लिए हैं। इस उपलब्धि के लिए धनबाद भाजपा परिवार ने उन्हें शुक्रवार को होटेल सोनोटेल में सम्मानित किया। इस खास मौके पर झारखंड के राजस्व मंत्री अमर बाउरी, धनबाद के विधायक राज सिन्हा और बोकारो के विधायक विरंची नारायण और विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के कुलपित डॉ. एके श्रीवास्तव ने सिंह की राजनीतिक सफलता की तारीफ में कसीदे पढ़ें।
झारखंड भाजपा के वरिष्ठ नेता पीएन सिंह ने 1978 में धनबाद नगर पालिका के वार्ड पार्षद का चुनाव जीतकर राजनीतिक सफर शुरू किया। चलते गए और रास्ता बनता गया। तीन दफा वार्ड पार्षद रहे। तीन दफा धनबाद विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। तीसरी दफा सांसद का सफर जारी है। झारखंड सरकार में उद्योग और शिक्षा जैसा विभाग संभाला। संगठन में झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली।
केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने का गम नहींः 2019 के लोकसभा चुनाव में पीएन सिंह ने भाजपा से बगावत कर कांग्रेस प्रत्याशी बने क्रिकेटर कीर्ति झा आजाद को धनबाद लोकसभा के अखाड़े में 4.85 लाख मतों के अंतर से पराजित किया। सिंह झारखंड में सबसे अधिक मतों से जितने वाले सांसद बने। उम्मीद की जा रही थी कि नरेंद्र मोदी पार्ट-दो सरकार में सिंह को जगह मिलेगी। लेकिन नहीं मिली। भाजपा परिवार द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद दैनिक जागरण सिंह ने सिंह से पूछा कि राजनीति में अब आपकी अंतिम इच्छा क्या है? क्या मोदी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने का दुख है? सिंह ने साफगोई से कहा कि उन्हें जो कुछ भी मिला है उसकी उम्मीद नहीं थी। भाजपा ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। पूरी तरह संतुष्ट हूं। मेरी अपनी कोई इच्छा नहीं है। अगर भविष्य में प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल में स्थान दिया तो बहुत अच्छा और नहीं दिया तो भी बहुत अच्छा।
 
संवेदनशीलता को बताया अपनी सफलता का राज : पीएन सिंह ने संवेदनशीलता को अपनी सफलता का राज बताया। उन्होंने कहा- एक जनप्रतिनिधि सिर्फ अपनी दो आंख से जनता को देखता है। लेकिन, जनता की हजारों और लाखों आंख अपने जनप्रतिनिधि को देखती है। जनता की आंखों की नजरों में जबतक आप संवेदनशील नहीं होंगे तब तक सफल नहीं हो सकते। एक दफा या दो दफा जनता आपको चुन सकती है। जनप्रतिनिधि संवेदनशील होंगे तभी जनता बार-बार चुनेगी। उन्होंने कहा कि कोई रणनीति बनाकर मैंने राजनीति नहीं की। भाजपा का जो परिवेश है उसमें काम करता गया। सफलता मिलती गई।
 
विकास का कोई पैमाना नहीं : धनबाद की जनता के लिए कुछ करने के लिए मन की बात के बाबत पूछने पर सिंह ने कहा कि विकास का कोई पैमाना नहीं होता है। जब मैं पहली बार 1995 में विधायक बना तो धनबाद के गली-मोहल्ले में चलना मुश्किल था। सड़कें नहीं थीं। उबड़-खाबड़ कच्चा रास्ता था। आज हर गली-मोहल्ले में पीसीसी सड़क हैं। मुख्य सड़कों को दो लेन और चार लेन का रूप दिया जा रहा है। इसके बाद भी काम खत्म नहीं हो रहा है। आज हम सो करते हैं वह कल कम पड़ जाता है। दुनियाभर में अमेरिका के विकास की चर्चा होती है। इसके बाद भी अमेरिका के सामने चुनाैती कम नहीं है।

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