बीजेपी नेता के बेटे ने नौकरी छूटने के डर से की खुदकुशी, स्‍ट्रेचर और एंबुलेंस तक नहीं मिला
Latest News
bookmarkBOOKMARK

बीजेपी नेता के बेटे ने नौकरी छूटने के डर से की खुदकुशी, स्‍ट्रेचर और एंबुलेंस तक नहीं मिला

By India18 calender  19-Aug-2019

बीजेपी नेता के बेटे ने नौकरी छूटने के डर से की खुदकुशी, स्‍ट्रेचर और एंबुलेंस तक नहीं मिला

झारखंड के जमशेदपुर में एमजीएम अस्पताल में अमानवीयता की घटना सामने आई है, जहां एक बीजेपी नेता को बेटे की आत्महत्या के बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक नहीं दिया गया. हालत यह रही कि पिता को अपने बेटे के शव को चादर में लपेटकर ले जाना पड़ा. पिता का कहना है कि उनका बेटा नौकरी को लेकर चिंतित था. उसे डर था कि उसके अन्‍य दोस्‍तों की तरह उसे भी कहीं कंपनी से न हटा दिया जाए. 

बेटे के शव को चादर में लपेटकर ले जाना पड़ा

मामला जिले के एमजीएम अस्पताल का है जहां बीजेपी नेता विश्वजीत अपने बेटे आशीष की आत्महत्या के बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाने के लिए स्‍ट्रेचर तक के लिए तरसते रहे. बेटे के शव को ले जाने के लिए एमजीएम अस्पताल में उन्‍हें स्ट्रेचर तक नहीं मिला. उन्‍हें बेटे के शव को चादर में लपेटकर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा.

अस्पताल में एम्बुलेंस के लिए भटकते रहे परिजन

परिजन शव को ले जाने के लिए अस्पताल की ओर से एम्बुलेंस भी नहीं दिया गया. बताया जाता है कि उस वक्‍त सरकारी अस्‍पताल में सरकारी एम्बुलेंस नहीं था, इसके चलते परिजनों को एम्बुलेंस के लिए 40 मिनट तक अस्पताल परिसर में भटकना पड़ा. उसके बाद बाद शव को पिकअप वैन में पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाया गया

मामले की जानकारी जब पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो नेता हेमंत सोरेन को मिली तो उन्होंने ट्वीट कर व्‍यवस्‍था पर सवाल उठाया. उन्‍होंने लिखा कि आज फिर एक युवा अपना जीवन समाप्त करने को विवश हो गया. उनके लिए यह सदमा कम था कि शव को अस्पताल में एम्बुलेंस तक न मिल सका.

नौकरी को लेकर परेशान था बेटा

शनिवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद बेजेपी नेता विश्वजीत ने अपने बेटे आशीष का अंतिम संस्कार किया. उन्‍होंने बताया कि उनका बेटा अपनी नौकरी को लेकर चिंता में था. उसे इस बात का डर था कि उसके साथियों की तरह कहीं उसे भी कंपनी से न हटा दिया जाए.

MOLITICS SURVEY

क्या संतोष गंगवार के बयान का असर महाराष्ट्र चुनाव में होगा ?

हाँ
  50%
नहीं
  50%
पता नहीं
  0%

TOTAL RESPONSES : 2

Raise Your Voice
Raise Your Voice 

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know