फजीहत के बाद यूपी BJP अध्यक्ष बोले- सेंगर को केंद्रीय नेतृत्व ने निकाला, मुझे जानकारी नहीं थी
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फजीहत के बाद यूपी BJP अध्यक्ष बोले- सेंगर को केंद्रीय नेतृत्व ने निकाला, मुझे जानकारी नहीं थी

By Aaj Tak calender  02-Aug-2019

फजीहत के बाद यूपी BJP अध्यक्ष बोले- सेंगर को केंद्रीय नेतृत्व ने निकाला, मुझे जानकारी नहीं थी

उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा है कि कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.  उन्होंने कहा, 'मुझे उनके निष्कासन की जानकारी नहीं थी. मैं कानपुर में था, लेकिन आज ये फैसला केंद्रीय नेतृत्व ने किया है.' स्वतंत्र देव सिंह ने यह भी कहा कि योगी सरकार उन्नाव की पीड़िता के साथ खड़ी है. इसलिए योगी सरकार को कटघरे में खड़ा नहीं किया जा सकता है.
बता दें कि आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निष्कासित किए जाने को लेकर लंबे वक्त तक सस्पेंस बना था. गुरुवार सुबह दिल्ली में बीजेपी ने दावा किया कि सेंगर को पार्टी से बाहर निकाल दिया गया है, लेकिन यूपी बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह शाम तक कह रहे थे कि वो सस्पेंड हैं. हालांकि स्वतंत्र देव सिंह ने अब सफाई देते हुए कहा है कि कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. वो अब पार्टी में नहीं हैं. 
इससे पहले कानपुर में जब स्वतंत्र देव से कुलदीप सिंह को बीजेपी से बाहर करने को लेकर सवाल पूछा गया तो उनका जवाब था कि कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से 2018 में निलंबित किया जा चुका है. इसके बाद कुलदीप की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई थी, अब स्वतंत्र सिंह के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि कुलदीप को पार्टी से निकाल दिया गया है.
दरअसल, बीजेपी के राज्यसभा सांसद जी.वी.एल. नरसिम्हा राव ने उन्नाव रेप मामले में कहा कि पार्टी ने किसी दबाव में नहीं बल्कि पीड़िता को न्याय मिल सके, इस वजह से विधायक कुलदीप सेंगर पर कार्रवाई की गई. बीजेपी सांसद ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं उन पार्टियों से जिनको लेकर अदालतें आदेश देती रहीं, लेकिन फिर भी वो अपने आरोपी नेताओं को बचाते रहे. बीजेपी किसी के दबाव में काम नहीं करती है.
गौरतलब है कि उन्नाव रेप पीड़ित के एक्सीडेंट मामले को लेकर यूपी सरकार की साख और राज्य पुलिस के दावों की धज्जियां उड़ गई हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सारे केस को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया और सीबीआई को हादसे की जांच एक हफ्ते में पूरा करने को भी कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है, लिहाजा रेप पीड़ित की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ को दी गई है.

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