अभय चौटाला ने चंडीगढ़ में की प्रेस कॉन्फ्रेंस, भाजपा पर लगाये ये बड़े आरोप
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अभय चौटाला ने चंडीगढ़ में की प्रेस कॉन्फ्रेंस, भाजपा पर लगाये ये बड़े आरोप

By Yuvaharyana calender  01-Aug-2019

अभय चौटाला ने चंडीगढ़ में की प्रेस कॉन्फ्रेंस, भाजपा पर लगाये ये बड़े आरोप

वर्तमान विधानसभा के संभवत: आखिरी सत्र की पूर्व संध्या के अवसर पर एक प्रैसवार्ता में इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला ने पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष बीरदास ढालिया और राष्ट्रीय प्रधान महासचिव आरएस चौधरी की उपस्थिति में भाजपा पर आरोप लगाया कि उसकी नीतियों के कारण पिछले पांच वर्षों में राज्य कर्ज के दलदल में डूब चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में भाजपा सरकार ने राज्य पर लगभग एक लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ डाला है। इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम कर्ज लेने के बाद भी उससे पंजीगत निवेश किन क्षेत्रों में हुआ, यह दिखाई नहीं देता।
इनेलो नेता ने यह भी बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 9 अगस्त (9 अगस्त, 1942) को क्रांति दिवस का नाम दिया था इसलिए इनेलो का किसान प्रकोष्ठ और छात्र संगठन भी 9 अगस्त से प्रदेशभर में ‘जवान-किसान क्रांति यात्रा’ के नारे से प्रदेश की अनचाही सरकार के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत करेगा। इस आंदोलन की शुरुआत जननायक चौधरी देवीलाल की जन्मस्थली चौटाला से होगी जो कि प्रदेश के कोने-कोने जाकर जनता को जागृत करने का काम करेगा। यह आंदोलन युवा नेता कर्ण चौटाला और इनेलो किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुरेश कौंथ के नेतृत्व में होगा।
कर्ज के मुद्दे पर विस्तार से बात करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि अतीत की सरकारें भी कर्ज लेती रही हैं किंतु उस धन से राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाता था जिससे जनता प्रत्यक्ष रूप से लाभांवित होती थी। वर्ष 1966, जब हरियाणा का गठन हुआ तब से लेकर वर्ष 2005 तक राज्य पर कुल कर्जा 22450 करोड़ रुपया था। लेकिन यह याद रखना चाहिए कि वर्ष 1966 में हरियाणा में न सडक़ें थी, न पीने का पानी, न ही बिजली और न ही स्वास्थ्य और शैक्षणिक सुविधाएं थी। वर्ष 2000 में जब इनेलो सरकार सत्ता में आई उसके पश्चात बड़े पैमाने पर हरियाणा के आधुनिकीकरण का अभियान चलाया गया जिसके तहत ढाणियों तक में बिजली पहुंचाई गई, ग्रामीण क्षेत्रों में लिंक सडक़ें बनाई गई। लगभग हर स्थान पर स्कूल/कॉलेज/अस्पताल एवं अनेक विश्वविद्यालयों की भी स्थापना की गई। पहला खेल केंद्र भी सोनीपत जिले में तभी स्थापित हुआ जिसके अतिरिक्त युवाओं की सुविधा के लिए अनेक स्टेडियम बने और बड़े गांवों में भी खेलों की सुविधाएं प्रदान की गई। दूसरे शब्दों में वर्ष 2000 से 2005 के बीच जो कर्ज भी लिया गया उससे नए इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हुआ जिसके आधार पर ही राज्य ने प्रगति का एक नया मार्ग अपनाया।

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