मुख्यमंत्री फडणवीस अगस्त में निकालेंगे 'महा जनादेश' यात्रा, पीएम को भी भेजा गया न्यौता
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मुख्यमंत्री फडणवीस अगस्त में निकालेंगे 'महा जनादेश' यात्रा, पीएम को भी भेजा गया न्यौता

By Bhaskar calender  24-Jul-2019

मुख्यमंत्री फडणवीस अगस्त में निकालेंगे 'महा जनादेश' यात्रा, पीएम को भी भेजा गया न्यौता

महाराष्ट्र में लोकसभा चनावों में मिली सफलता से उत्साहित भाजपा और शिवसेना ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। शिवसेना की युवा सेना के प्रमुख आदित्य ठाकरे जहां राज्य में ‘जन आशीर्वाद’ यात्रा निकाल रहे हैं वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अगस्त के पहले सप्ताह में राज्य में 'महा जनादेश' यात्रा शुरू करने का ऐलान किया है।
दो चरण में होगी यह यात्रा
ताजा जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक अगस्त से अमरावती जिले में गुरुकुंज मोजारी से ‘महा जनादेश’ यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की यह यात्रा दो चरणों में होगी जोकि पूरे राज्य को कवर करेगी। भाजपा की योजना के मुताबिक इस दौरान मुख्यमंत्री 104 रैलियों, 228 स्वागत सभाओं और 20 संवाददाता सम्मेलनों को संबोधित करेंगे।
महाराष्ट्र भाजपा ने यात्रा के शुभारम्भ और समापन में भाग लेने के लिए केंद्रीय मंत्री अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी सहित पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं को आमंत्रण भेजा है।
इसमें वे राज्य की सभी विधानसभाओं का दौरा करेंगे। आगामी चुनाव के लिए भाजपा ने  'फिर एक बार शिवशाही सरकार' और 'अबकी बार 220 के पार' का नारा बुलंद किया है। यह रथयात्रा अगस्त महीने में शुरू होगी। महाराष्ट्र में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव हो सकते हैं।
महाराष्ट्र में भाजपा शिवसेना की गठबंधन की सरकार है और सीएम पद भाजपा के देवेंद्र फणनवीस संभाल रहे हैं। इस बार भाजपा-शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ने वाले हैं लेकिन शिवसेना ने साफ कर दिया है कि उसकी नजर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर है। कहा जा रहा है कि अगर इनकी सरकार आई तो दोनों पार्टियां ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री की कुर्सी की कमान संभालेंगे। शिवसेना लगातार अपनी मंशा को जाहिर कर रही है।
इस यात्रा से पहले सोमवार को देवेंद्र फडणवीस ने यह साफ कर दिया है कि वह सिर्फ भाजपा ही नहीं बल्कि राज्य सरकार में सभी सहयोगी पार्टियों के मुख्यमंत्री हैं और उन्होंने विश्वास जताया है कि दूसरी बार भी वही मुख्यमंत्री बनेंगे।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ने हालांकि मुख्यमंत्री पद पर खुद की उम्मीदवारी पर साफ-साफ तो कुछ नहीं कहा है लेकिन यह जरूर कहा है कि ''यह जनता को तय करना है कि मुझे पद पर बैठने के लिए तैयार होना है या नहीं। मैं इसके बारे में बात नहीं कर सकता क्योंकि यह एकमात्र ऐसी चीज है जो मेरे हाथ में नहीं है। शिवसेना ने जो वादे किए हैं उन्हें पूरा करना केवल मेरे हाथ में है।''

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