संसदीय समितियों के गठन में देरी, रिमाइंडर के बावजूद कुछ पार्टियों ने नहीं दिए नाम
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संसदीय समितियों के गठन में देरी, रिमाइंडर के बावजूद कुछ पार्टियों ने नहीं दिए नाम

By Aajtak calender  20-Jul-2019

संसदीय समितियों के गठन में देरी, रिमाइंडर के बावजूद कुछ पार्टियों ने नहीं दिए नाम

राजनीतिक दलों के जरिए संसद की विभिन्न स्थायी समितियों के सदस्यों को नामित न किए जाने से नाराज राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को सभी पार्टियों को जल्द से जल्द संसदीय समितियों के लिए नाम भेजने की अपील की. नायडू का कहना है कि रिमाइंडर के बावजूद कुछ पार्टियों ने अभी तक नाम नहीं दिया है.
सभापति ने कहा, 'मुझे कहते हुए खेद है कि रिमाइंडर के बावजूद कुछ पार्टियों को अभी नाम देने हैं. मैं पार्टियों का नाम नहीं लेना चाहता. यह मेरा उद्देश्य नहीं है. मैं सभी राजनीतिक दलों से जल्द से जल्द नाम देने की अपील करता हूं, जिससे कि हम जल्दी से स्थायी समितियों का गठन कर सकें.'
सभापति की यह प्रतिक्रिया तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ'ब्रायन के अनुरोध के बाद आई है. जिसमें उन्होंने कहा कि स्थायी समितियों के जरिए बहुत से विधेयकों की उचित तरीके से जांच नहीं की जा रही है और सरकार ज्यादा से ज्यादा विधेयक मंजूरी के लिए ला रही है.
सदस्य ने कहा कि सरकार ने अगले सप्ताह के लिए कार्य की सूची में नौ से ज्यादा विधेयकों को सूचीबद्ध किया है, लेकिन इनमें से ज्यादातर की समीक्षा स्थायी समिति के जरिए नहीं की गई है. ओ'ब्रायन ने कहा, 'स्थायी समितियों का गठन नहीं किया गया है. इन विधेयकों (सरकार के जरिए आगामी सप्ताह के लिए सूचीबद्ध) में से प्रत्येक, मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक को छोड़कर किसी की जांच नहीं की गई है.'
उन्होंने कहा, 'मेरी आप के जरिए सरकार से अपील है कि हम पहले ही बिना जांच के विधेयकों को पारित कर चुके हैं. आगामी सप्ताह के लिए नौ और सूचीबद्ध हैं. इसका मतलब 11 और 8, 19 विधेयक कानून बनने के लिए पारित होने जा रहे हैं और कोई संसदीय जांच और स्थायी समिति नहीं है.'

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