देश में कहीं और बैठ कर कश्मीर के हालात का आकलन करना आसान नहीं, बोले राज्यपाल मलिक
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देश में कहीं और बैठ कर कश्मीर के हालात का आकलन करना आसान नहीं, बोले राज्यपाल मलिक

By Tv9bharatvarsh calender  23-Jun-2019

देश में कहीं और बैठ कर कश्मीर के हालात का आकलन करना आसान नहीं, बोले राज्यपाल मलिक

कश्मीर घाटी में हालात पहले के मुक़ाबले बेहतर हो रहे हैं, हुर्रियत कॉन्फ्रेंस सरकार के साथ अब बातचीत करना चाहती है, यह कहना है जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का. उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि अब राज्य में आतंकी घटनाएं काफी हद तक कम हुई है और पथराव की घटनाएं भी कम हुई हैं.
मलिक ने कहा, ‘हुर्रियत कॉन्फ्रेंस बातचीत करना नहीं चाहती थी. राम विलास पासवान उनके दरवाजे पर (2016 में) खड़े थे लेकिन वे लोग बातचीत के लिए तैयार नहीं थे. आज वे बातचीत के लिए राजी हैं और वार्ता करना चाहते हैं.’
मलिक ने कहा कि पिछले साल अगस्त में उन्होंने जम्मू-कश्मीर की कमान संभाली थी तब से लेकर अब तक हालात में काफी सुधार हुआ है. आतंकवादियों की भर्ती लगभग ख़्तम हो गई है और शुक्रवार को होने वाली पथराव की घटनाएं भी बंद हुई हैं.
राज्यपाल ने कहा, ‘जब कोई युवक मारा जाता है तो हमें अच्छा महसूस नहीं होता.’ गवर्नर ने आगे कहा, ‘लेकिन जब कोई गोली चलाएगा, तब सुरक्षा बल भी जवाबी गोलीबारी करेंगे. वे गुलदस्ता नहीं भेंट करेंगे.’
उन्होंने संकेत दिया कि देश में कहीं और बैठ कर कश्मीर के हालात का आकलन करना आसान नहीं है. मलिक ने कहा, ‘मैं करीब 200 लोगों के संपर्क में हूं और मैं उनसे समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त करता हूं.’ मलिक ने कहा, ‘जब मैं दिल्ली जाता हूं, तब ऐसे कई लोग हैं जो कश्मीरी होने का दावा करते हैं. मैं उनसे पूछता हूं कि वे कश्मीर में कब थे. वे कहते हैं 15 साल पहले.’

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