हरियाणा में हार से दिल्ली में बदलेगा इनेलो-जेजेपी का पता, हुड्डा को भी तलाशना हाेगा नया ठिकाना
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हरियाणा में हार से दिल्ली में बदलेगा इनेलो-जेजेपी का पता, हुड्डा को भी तलाशना हाेगा नया ठिकाना

By Jagran calender  09-Jun-2019

हरियाणा में हार से दिल्ली में बदलेगा इनेलो-जेजेपी का पता, हुड्डा को भी तलाशना हाेगा नया ठिकाना

लोकसभा चुनावों में हरियाणा में विपक्षी दलों की हार का असर दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालयों पर दिखने वाला है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के पूर्व सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी की हार के बाद जहां पार्टी को उनके सरकारी निवास में चल रहा दफ्तर शिफ्ट करना पड़ेगा। पूर्व सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला को भी सरकारी बंगला छोडऩा पड़ रहा है। इनेलो से अलग होकर बनी जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) की समस्त गतिविधियां यहीं से संचालित हो रहीं थी। इसी तरह कांग्रेस के पूर्व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा से सरकारी बंगला वापस लिए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थकों को रणनीति बनाने के लिए नया ठिकाना तलाशना पड़ेगा।
दरअसल, लोकसभा चुनाव में जीते नवनिर्वाचित सांसद फिलहाल दिल्ली में अस्थायी ठिकानों में रह रहे हैं। जल्द ही इन्हें सरकारी बंगलों और फ्लैट में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए सभी पूर्व सांसदों को 24 जून तक सरकारी आवास खाली करने का नोटिस थमाया गया है।
मौजूदा समय में जेजेपी का पता 18-जनपथ, नई दिल्ली है। कभी तत्कालीन सांसद डॉ. अजय चौटाला के नाम पर आवंटित इस बंगले पर करीब दो दशक तक इनेलो का कब्जा रहा। वर्ष 2014 में दुष्यंत चौटाला के नाम हुए इस बंगले में विगत अक्टूबर तक इनेलो कार्यालय चलता रहा, लेकिन बाद में दुष्यंत ने जेजेपी का गठन करते हुए यहां नई पार्टी का मुख्यालय बना लिया। लोकसभा चुनाव में हार के बाद दुष्यंत को यह बंगला खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
उधर, जेजेपी के गठन के बाद से ही इनेलो का पता बदलकर सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी का सरकारी निवास हो गया था। हालांकि पार्टी की अधिकतर गतिविधियां गुरुग्राम स्थित अभय चौटाला के निवास से संचालित होती हैं। अब रोड़ी के बंगला छोडऩे के बाद इनेलो को दिल्ली में नई जगह तलाशनी होगी।
दूसरी ओर, दिल्ली में अकबर रोड पर कांग्रेस का मुख्यालय होने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समर्थक विधायकों और पदाधिकारियों ने नई दिल्ली में पंत मार्ग स्थित नौ नंबर बंगले को अघोषित कार्यालय बनाया हुआ था, जो कि दीपेंद्र हुड्डा को अलॉट हुआ था। तीन बार के सांसद दीपेंद्र हुड्डा को लोकसभा चुनाव में हार के बाद अब यह सरकारी निवास छोडऩा पड़ेगा।

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