2017 से लेकर दिसंबर 2024 तक यूपी में 217 अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है, और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। यूपी पुलिस द्वारा जारी की गई वार्षिक रिपोर्ट में इस अवधि के दौरान किए गए अभियानों के आंकड़े पेश किए गए थे, जिनके मुताबिक 7546 अपराधियों को गिरफ्तार कर सजा दिलाई गई और 140 अरब रुपये से अधिक की संपत्ति माफिया और अपराधियों से जब्त की गई।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 20 मार्च 2017 से लेकर 28 दिसंबर 2024 तक पुलिस ने 217 अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर किया और 7799 बदमाशों को पैर में गोली मारकर घायल किया और गिरफ्तार किया। इस दौरान राज्य की पुलिस ने बड़ी संख्या में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की, जिनमें माफिया और गैंगस्टर शामिल थे। हालांकि, इन कार्रवाइयों के दौरान 17 पुलिसकर्मी शहीद हो गए और 1644 पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने अपनी कार्रवाई में रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत 924 अपराधियों को भी गिरफ्तार किया।
पिछले साल दिसंबर 2024 में एक बड़ी कार्रवाई की गई थी, जब यूपी पुलिस ने पंजाब पुलिस के साथ मिलकर पीलीभीत में खालिस्तानी आतंकवादियों का एनकाउंटर किया था। इसके अलावा, लखनऊ के चिनहट स्थित आईओबी बैंक में लॉकरों से हुई चोरी के मामले में पुलिस ने दो बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर किया और कई अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया।
नए साल में पुलिस का ऐक्शन मोड जारी
2025 की शुरुआत से ही यूपी पुलिस ने अपना ऐक्शन मोड पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है। नए साल के पहले महीने में ही राज्य में लगभग हर दिन पुलिस मुठभेड़ों की घटनाएं सामने आ रही हैं। 1 जनवरी की रात को मथुरा में एक बाइक सवार बदमाश से मुठभेड़ हुई। बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग की, जवाबी फायरिंग में उसे पैर में गोली लगी और वह गिर पड़ा। घायल बदमाश को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार किया और उसके पास से चोरी के जेवर, बाइक और एक तमंचा बरामद किया। उसकी गिरफ्तारी से साड़ी कारोबारी के घर हुई चोरी की घटना का भी खुलासा हुआ।
3 जनवरी की देर रात मुजफ्फरनगर में बुढ़ाना रोड पर पुलिस ने एक और मुठभेड़ में दो बदमाशों को घायल कर गिरफ्तार किया। ये बदमाश नलकूप से सामान चुराने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने इन्हें घेराबंदी के बाद जवाबी कार्रवाई में घायल किया। पुलिस ने इनसे एक बाइक, दो तमंचे और चोरी का सामान बरामद किया।
इन मुठभेड़ों का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे अपराधियों के बीच भय का माहौल बन गया है। पुलिस की यह कड़ी कार्रवाई न केवल अपराधियों के मनोबल को तोड़ रही है, बल्कि आम जनता को भी यह संदेश दे रही है कि सरकार अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
महिलाओं की सुरक्षा और माफिया गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भी कई अहम कदम उठाए हैं। एंटी रोमियो टीम ने राज्य भर में 18,926 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की, जो महिलाओं से छेड़छाड़ या अन्य अपराधों में लिप्त पाए गए। इसके अलावा, पुलिस ने अवैध टैक्सी स्टैंड्स की भी सख्ती से निगरानी की और राज्य भर में 212 अवैध टैक्सी स्टैंडों को हटाया।
पुलिस ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में माफिया गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, और चिन्हित माफिया गिरोहों के 1391 सदस्यों को जेल भेजा है। इन गिरोहों के खिलाफ लगातार की जा रही कार्रवाई से अपराधियों का मनोबल टूट चुका है और राज्य में उनके लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं रही है।
पुलिस की निरंतर सक्रियता से अपराधियों में खलबली
इस तरह की लगातार मुठभेड़ों और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से यूपी पुलिस ने अपराधियों के मनोबल को तोड़ दिया है और उन्हें यह संदेश दिया है कि अपराधियों के खिलाफ राज्य सरकार का एक्शन अब और भी तेज़ होगा। पुलिस की यह रणनीति न केवल अपराधों पर नियंत्रण लगाने में मदद कर रही है, बल्कि अपराधियों के लिए राज्य में अपराध करना अब मुश्किल हो गया है।
यूपी पुलिस के इस अभियान का लक्ष्य केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों के लिए सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित करना है, ताकि आम नागरिक अपने जीवन को बिना डर के जी सकें।





