इस हिंसक झड़प में रानीगंज के क्षेत्राधिकारी (सीओ) सहित 11 पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण माहौल अभी भी बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका अपने घर से कुछ ही दूरी पर स्थित एक निजी अस्पताल में नौकरी करती थी। युवती की मां ने बताया कि उनकी बेटी गुरुवार की शाम को अपनी नियमित ड्यूटी के लिए अस्पताल गई थी। लेकिन देर रात को अस्पताल की ओर से फोन आया कि उनकी बेटी की तबीयत अचानक खराब हो गई है और उसे इलाज के लिए किसी अन्य अस्पताल में ले जाया जा रहा है। जब वह बताए गए अस्पताल पहुंचीं, तो उन्हें अपनी बेटी को मृत अवस्था में पाया। परिजनों ने शव को घर लाने के बाद देखा कि उसके शरीर पर कई जगह चोटों के निशान थे, उसके कपड़े फटे हुए थे और अंडरगारमेंट्स भी क्षतिग्रस्त थे, जिससे उनके शक को बल मिला कि यह कोई साधारण मौत नहीं थी।
इस भयावह खुलासे के बाद लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने दुर्गागंज बाजार में इकट्ठा होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह प्रदर्शन उग्र रूप लेने लगा। दूसरी ओर, पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि युवती की मां की लिखित शिकायत के आधार पर अस्पताल के संचालक डॉक्टर सहित पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शव को विस्तृत जांच और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि इस मामले में साक्ष्य संकलन का काम तेजी से चल रहा है और हर संभव पहलू की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस बीच, इलाके में तनाव बरकरार है और पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में रखा जा सके।
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