गुर्जर महासभा के अध्यक्ष रविंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि देशभर से करीब 20 लाख सनातनी 13 अप्रैल को दिल्ली जाएंगे और प्रधानमंत्री से सीधे मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान मांगेंगे। अगर प्रधानमंत्री से समय नहीं मिलता, तो वे प्रधानमंत्री के आवास के सामने शांतिपूर्वक बैठकर उनके समय का इंतजार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन केवल नंद किशोर गुर्जर के समर्थन में नहीं है, बल्कि यह एक धर्म, संस्कृति और स्वतंत्रता के लिए लड़ा जा रहा संघर्ष है।
राष्ट्रीय वीर गुर्जर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनू गुर्जर ने कहा कि पूरे सहारनपुर जिले का गुर्जर समाज नंद किशोर गुर्जर के साथ खड़ा है। वे इस मामले को लेकर पूरी तरह से उनके समर्थन में हैं। बागपत निवासी लीलू प्रमुख ने कहा कि विधायक नंद किशोर गुर्जर हिंदू धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इस संघर्ष को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं, भगोट निवासी काशी प्रधान ने कहा कि श्रीराम कथा की कलश यात्रा कोई जुलूस या रैली नहीं थी, बल्कि यह एक धार्मिक परंपरा का हिस्सा थी।
इसके लिए किसी प्रकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं थी। पुलिस का इस यात्रा को रोकने का प्रयास बिल्कुल गलत था और इसने समाज के समक्ष अपमान का कारण बना।
इस घटना से जुड़े विचार व्यक्त करते हुए किसान यूनियन अजगर के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन शर्मा ने कहा कि पुलिस ने शांतिपूर्वक निकाली जा रही कलश यात्रा में विघ्न डालने का कार्य किया, जिससे समाज में असहमति और आक्रोश फैल गया। पुलिस का ऐसा कदम न केवल धार्मिक भावना का अपमान है, बल्कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का भी उल्लंघन है।
पंचायत के आयोजक चौधरी फिरे राम ने कहा कि विधायक नंद किशोर गुर्जर हमारे नेता हैं, और हम उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक नंद किशोर गुर्जर हम सबके प्रतिनिधि हैं और उनके साथ मिलकर हम इस संघर्ष को दिल्ली तक लेकर जाएंगे। इस आंदोलन का उद्देश्य न केवल नंद किशोर गुर्जर के समर्थन में है, बल्कि यह समाज की धार्मिक स्वतंत्रता और अधिकारों की रक्षा के लिए भी है।
पंचायत के आयोजन में यह स्पष्ट हुआ कि गुर्जर समाज अपने धर्म, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट है और यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
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