यह पोस्टर अब सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है और इसने राजनीति में हलचल मचा दी है।
इसके पहले यूपी की राजनीति में कई बार सपा, भाजपा और बसपा के बीच पोस्टर युद्ध देखने को मिला है। तीनों पार्टियों ने एक-दूसरे के खिलाफ पोस्टर लगाए और उन पोस्टरों के जरिए एक-दूसरे पर प्रहार किया। कुछ समय पहले भाजपा की ओर से एक पोस्टर लगा था, जिसमें 'चरखे से क्रांति आई, बुलडोजर से शांति आई' लिखा गया था। इस पोस्टर का सपा ने करारा जवाब दिया और अपने लखनऊ स्थित दफ्तर के बाहर एक पोस्टर लगाया, जिसमें भाजपा की बुलडोजर कार्रवाई पर हमला करते हुए लिखा गया, "सपा के राज में बुलडोजर जाएगा गैराज में, बुलडोजर में नहीं रह गया कोई दम, साइकिल दिखाएगी 27 में दम।"
सीएम योगी के "कटेंगे तो बटेंगे" वाले बयान के बाद सपा और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी हो गई थी, जिससे दोनों दलों के बीच एक तरह की राजनीतिक जंग छिड़ गई थी। इस बयानबाजी के बाद दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए और पोस्टरों के जरिए अपनी बात को जनता तक पहुंचाने की कोशिश की। सपा ने "पीडीए से जुड़ेंगे और जीतेंगे" का नारा बुलंद किया, तो भाजपा ने भी पोस्टर के जरिए उनका जवाब दिया। भाजपा द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने काफी आलोचना की, और इसे लोकतांत्रिक तरीके से नहीं किया गया एक अत्यधिक कदम करार दिया।
इस बीच पोस्टर वार में भाजपा और सपा के नेता एक-दूसरे के खिलाफ अपने-अपने मुद्दे उठाते हुए पोस्टर लगाए जा रहे हैं। यह पोस्टर युद्ध यूपी की राजनीति का एक अहम हिस्सा बन चुका है, जो आगामी उपचुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को गरमा रहा है।
Read This Also:- अनुप्रिया पटेल ने आशीष पटेल को साजिशों से बचाने का किया दावा, बोलीं- सख्ती से मिलेगा जवाब
Read This Also:- अनुप्रिया पटेल ने आशीष पटेल को साजिशों से बचाने का किया दावा, बोलीं- सख्ती से मिलेगा जवाब





