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‘गोबर से दुर्गन्ध’ विवाद पर बोले योगी- ‘गायों को लावारिस छोड़ने और कसाइयों को देने वाले यह बात बोल रहे’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली में आयोजित एक कार्यक्रम में "स्कूल चलो अभियान" और "विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान" की शुरुआत की। इस मौके |

‘गोबर से दुर्गन्ध’ विवाद पर बोले योगी- ‘गायों को लावारिस छोड़ने और कसाइयों को देने वाले यह बात बोल रहे’
फोटो: ‘गोबर से दुर्गन्ध’ विवाद पर बोले योगी- ‘गायों को लावारिस छोड़ने और कसाइयों को देने वाले यह बात बोल रहे’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली में आयोजित एक कार्यक्रम में "स्कूल चलो अभियान" और "विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान" की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने बरेली की जनता को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों का हवाला दिया और विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "यह वही बरेली है, जहां 2017 से पहले हर साल 5-7 दंगे होते थे, लेकिन पिछले आठ वर्षों में यहां कोई दंगा नहीं हुआ। अब बरेली पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सुरक्षित है। दंगाई अब चूहों की तरह बिलों में छिपे हुए हैं क्योंकि उन्हें यह अच्छी तरह से पता है कि अगर उन्होंने दंगा फैलाने की कोशिश की तो उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी और वह सब गरीबों में वितरित कर दी जाएगी।" मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर बरेली में 933 करोड़ रुपये की लागत से 132 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। 

इसके साथ ही 2,554 नई एंबुलेंस को भी हरी झंडी दी गई। उन्होंने आगे कहा, "आज बरेली विकास की राह पर अग्रसर हो चुका है। इस शहर में अब नया इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है और यह एक नया मॉडल पेश कर रहा है। बरेली की पहचान अब 'नाथ नगरी' के रूप में बन चुकी है। पहले इसे झुमका के साथ जोड़ा जाता था, लेकिन अब हमने नाथ कॉरीडोर के रूप में इसकी असली पहचान दी है। अब बरेली में निवेश आ रहा है और यहां उद्योग लग रहे हैं, जो विकास के नए अवसर पैदा कर रहे हैं।" समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष द्वारा 'गोबर से दुर्गंध' वाले बयान पर मुख्यमंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी ने पहले गायों को लावारिस छोड़ दिया था और इनसे दुर्गंध फैलती थी। ये वही लोग हैं जो गोमाता को कसाइयों के हवाले करते थे। हम जब इन कसाइयों को जन्नत की यात्रा पर भेजने में सफल हुए तो इनकी परेशानी बढ़ गई। उनका मुख्य मुद्दा यह था कि उनके मित्र कसाई अब जन्नत जा चुके हैं। जब गोवंश को बचाने की जिम्मेदारी हमारी सरकार ने उठाई तो आंवला के विधायक ने 7,700 से अधिक गोआश्रय स्थल खोले, जहां 14 लाख से अधिक गोवंश की देखभाल हो रही है।"

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "हमने गोवंश की देखभाल का जिम्मा लिया और किसानों को भी इसमें शामिल किया। सरकार प्रत्येक गोवंश को पालने के लिए 1500 रुपये की सहायता प्रदान करती है। इससे किसानों को न सिर्फ आर्थिक मदद मिल रही है, बल्कि वे पुण्य भी अर्जित कर रहे हैं। यही हमारी सरकार की नीति है, जहां हम न केवल गोवंश के संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं, बल्कि इससे किसानों के जीवन में भी सुधार ला रहे हैं।" मुख्यमंत्री ने बरेली में चल रहे विकास कार्यों को लेकर भी आश्वासन दिया कि सरकार की योजनाएं और योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन बरेली को विकास के नए दौर में लेकर जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सभी विकास कार्यों का हिस्सा बनें और उनके पूरा होने में सहयोग करें।

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