भाजपा पर लगाया गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, "अगर भाजपा यह साबित कर दे कि मेरा बांग्लादेशी कट्टरपंथियों से संबंध है, तो मैं तुरंत इस्तीफा दे दूंगी।" उन्होंने कहा कि भाजपा बार-बार झूठ फैलाकर उनका चरित्र हनन करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उनके पास इस आरोप का कोई सबूत नहीं है। ममता बनर्जी ने विधानसभा में विपक्षी दलों के रवैये पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "भारत के कई राज्यों में भाजपा की डबल इंजन सरकार है, लेकिन पश्चिम बंगाल में हमने विपक्ष को 50% समय दिया है। फिर भी उन्होंने सदन के पटल पर कागज फेंके। भाजपा, कांग्रेस और CPI(M) मेरे खिलाफ एकजुट हो गए हैं। वे मुझे अपना भाषण पूरा नहीं करने दे रहे हैं।"
"अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब नफरत फैलाना नहीं"
मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायकों पर विधानसभा में झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा, "वे कह रहे हैं कि उन्हें बंगाल विधानसभा में बोलने की अनुमति नहीं है, जबकि हकीकत यह है कि उन्हें पर्याप्त समय दिया जाता है। भाजपा के विधायक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर नफरत और सांप्रदायिकता फैला रहे हैं।" ममता बनर्जी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भाजपा विधायकों द्वारा लगाए गए निराधार आरोपों की शिकायत करेंगी। उन्होंने कहा, "मुझ पर मुस्लिम लीग का सदस्य होने का आरोप लगाया जाता है। मैं इस तरह की भड़काऊ टिप्पणियों की निंदा करती हूं।"
भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए ममता ने कहा, "मैंने कुछ वीडियो देखे हैं, जिनमें शुभेंदु अधिकारी कह रहे हैं कि उन्होंने हिंदू धर्म के बारे में बात की, इसलिए उन्हें सदन से निलंबित कर दिया गया। यह सरासर झूठ है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब सांप्रदायिकता फैलाना या किसी धर्म के खिलाफ भड़काऊ बयान देना नहीं है। भाजपा एक विशेष धर्म को बेच रही है और लोगों को बांटने का काम कर रही है।"
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