पाकिस्तान की बयानबाजी पाखंड और अमानवीयता से भरी – भारत
भारत ने पाकिस्तान की कथनी और करनी पर सवाल उठाते हुए उसकी दोहरी नीति की पोल खोली। त्यागी ने पाकिस्तान द्वारा इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) को मुखपत्र बनाकर उसकी साख को धूमिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों पर अत्याचार, मानवाधिकारों का उल्लंघन और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी का इतिहास किसी से छिपा नहीं है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा भारत का अभिन्न हिस्सा थे, हैं और रहेंगे। इन क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जो भारत सरकार की आतंकवाद मुक्त विकास नीति को दर्शाती है।
भारत ने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों को शरण देने और अस्थिर शासन प्रणाली का शिकार होने वाला देश करार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को किसी अन्य देश पर झूठे आरोप लगाने से पहले अपने अंदर झांककर वहां के नागरिकों की परेशानियों का हल निकालना चाहिए।
भारत ने पाकिस्तान को चेताया कि भारत के प्रति उसका अस्वस्थ जुनून उसे किसी भी तरह से फायदा नहीं पहुंचाएगा। पाकिस्तान को चाहिए कि वह अपनी ऊर्जा झूठे प्रचार में खर्च करने के बजाय अपने देश की असली समस्याओं पर ध्यान दे।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने भी 19 फरवरी को पाकिस्तान की गलत सूचना रणनीति की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान चाहे जितनी भी अफवाहें फैलाए, लेकिन सच्चाई यही रहेगी कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा।
भारत ने दो टूक कहा कि पाकिस्तान का झूठ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार बेनकाब होता रहा है और आगे भी होता रहेगा। भारत लोकतंत्र, विकास और अपने नागरिकों के सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है – ये वे मूल्य हैं, जिनसे पाकिस्तान को सीखने की ज़रूरत है।





