विस्फोट के बाद अस्पतालों में हाई अलर्ट
लेडी रीडिंग अस्पताल (LRH) एमटीआई के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि विस्फोट के मद्देनजर अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अस्पताल का पूरा स्टाफ घायलों के इलाज के लिए पूरी तरह तैयार है। डॉन के केपी ब्यूरो चीफ अली अकबर ने पुष्टि की कि मदरसे के मुख्य हॉल में शुक्रवार की नमाज के दौरान जोरदार धमाका हुआ। इस घटना के बाद प्रशासन ने नौशेरा जिले में इमरजेंसी घोषित कर दी।
इंस्पेक्टर जनरल जुल्फिकार हमीद ने बताया कि शुरुआती जांच में यह आत्मघाती हमला प्रतीत हो रहा है। प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि इस हमले का मुख्य लक्ष्य मौलाना हमीदुल हक हक्कानी थे। हमलावर नमाज के दौरान मस्जिद के साइड गेट से प्रवेश कर गया और फिर विस्फोट कर दिया। संस्था की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इस मदरसे की स्थापना 1947 में इस्लामिक विद्वान मौलाना अब्दुल हक हक्कानी द्वारा की गई थी। इससे पहले भी यह मदरसा सुर्खियों में रहा था, जब इसके कुछ छात्रों पर पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या में शामिल होने का आरोप लगा था। हालांकि, मदरसे प्रशासन ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है।
पाकिस्तानी नेताओं ने हमले की निंदा की
पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए घायलों के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इसे क्रूर और अक्षम्य अपराध करार दिया और अपराधियों को देश, राष्ट्र और मानवता का दुश्मन बताया। पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने भी इस हमले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे खुला आतंकवाद करार दिया और कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में पूरी तरह से एकजुट रहेगा।
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