फ्रीडम फ्लोटिला गठबंधन द्वारा संचालित और ब्रिटेन के झंडे वाला शिप मैडलीन 6 जून को इटली के सिसिली से रवाना हुआ था। इस पर सवार सभी कार्यकर्ता गाजा के लोगों के लिए राहत सामग्री ले जा रहे थे। उनका मकसद गाजा में जारी मानवीय संकट की ओर वैश्विक समुदाय का ध्यान आकर्षित करना था।
हालांकि, शिप के गाजा पहुंचने से पहले ही इजरायली सेना ने उसे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोक लिया। घटना के वक्त शिप का कैप्टन लगातार संपर्क में था और उसने पुष्टि की कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई।
इजरायल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह किसी भी शिप को गाजा तक नहीं जाने देगा। रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने रविवार को कहा था कि गाजा पर नौसैनिक नाकेबंदी इसलिए लागू की गई है ताकि हमास को समुद्री रास्ते से हथियार पहुंचने से रोका जा सके।
इजरायली सेना का दावा है कि गाजा की ओर जाने वाली कुछ जहाज़ों के ज़रिए अतीत में हथियारों की तस्करी की कोशिश की गई है। इसलिए सुरक्षा कारणों से समुद्री घेराबंदी की गई है।
शिप पर मौजूद कार्यकर्ताओं के मुताबिक, इजरायली ड्रोन ने शिप पर सफेद रंग का एक अज्ञात पदार्थ गिराया और रेडियो सिग्नल जाम कर दिए गए। रेडियो से अजीबोगरीब आवाजें सुनाई दे रही थीं, जिससे शिप के नियंत्रण और संचार में बाधा उत्पन्न हुई। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर तंज करते हुए कहा—"सेलिब्रिटीज की सेल्फी यॉट अब इजरायली तट की ओर सुरक्षित लौट रही है। सभी यात्री सुरक्षित हैं। उन्हें सैंडविच और पानी दिए गए हैं और ड्रामा खत्म हो चुका है।"





