इस महत्वपूर्ण बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, बीके हरिप्रसाद, जयराम रमेश, भूपेश बघेल, सुखजिंदर रंधावा, मणिकम टैगोर, अविनाश पांडे, अलका लांबा, दीपा दास मुंशी, क़ाज़ी निज़ामुद्दीन, कृष्णा अल्लावरु, अजय कुमार लल्लू, जितेंद्र सिंह, रजनी पाटिल, कुमारी शैलजा और कन्हैया कुमार जैसे कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की जिम्मेदारी
खड़गे ने महासचिवों और प्रभारियों को संगठनात्मक सुधारों की याद दिलाते हुए कहा, "पिछली दो CWC बैठकों में संगठन को सुधारने की बात कही थी। अब इसे स्टेट हेडक्वार्टर से लेकर बूथ स्तर तक मजबूती से खड़ा करना आपकी जिम्मेदारी है। आपको खुद जमीनी स्तर पर जाकर मेहनत करनी होगी, कार्यकर्ताओं से मिलना होगा, नए लोगों को जोड़ना होगा।"
उन्होंने जोर दिया कि ऐसे भरोसेमंद और विचारधारा में मजबूत लोगों को पार्टी में लाया जाए, जो विपरीत परिस्थितियों में भी कांग्रेस के साथ चट्टान की तरह खड़े रहें।
खड़गे ने 'संविधान बचाओ अभियान' के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 'जय बापू, जय भीम, जय संविधान' कार्यक्रम का निर्णय बेलगांव में हुआ था, जो अगले एक साल तक जारी रहेगा। इसके तहत पदयात्रा, संवाद और कॉर्नर मीटिंग्स जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "हर कार्यक्रम का एक ठोस लक्ष्य होना चाहिए, ताकि जनता तक हमारी बात सही तरीके से पहुंचे।"
वोटर लिस्ट में धांधली पर जताई चिंता
मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनावों में वोटर लिस्ट में धांधली का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, "बीजेपी द्वारा वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर हेरफेर की जा रही है। हमारे समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए जाते हैं या उन्हें दूसरे बूथ पर शिफ्ट कर दिया जाता है।" खड़गे ने इस मुद्दे पर सतर्क रहने और इस धांधली को रोकने के लिए सभी नेताओं को निर्देश दिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर महंगाई और बेरोज़गारी को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "मोदी सरकार इन मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है। आम जनता महंगाई की मार झेल रही है, लेकिन सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है।"
अमेरिका से व्यापारिक संबंधों पर भी उठाए सवाल
खड़गे ने अमेरिका के साथ भारत के व्यापारिक रिश्तों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अमेरिका हम पर उलटे टैरिफ लगा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका विरोध तक नहीं कर रहे हैं। यह न केवल भारत के हितों के खिलाफ है बल्कि देश का अपमान भी है।" कांग्रेस अध्यक्ष ने बैठक में पार्टी के नेताओं को निर्देश दिया कि आने वाले पांच सालों में कांग्रेस को जनता के मुद्दों पर संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा, "हमें महंगाई, बेरोज़गारी, लोकतंत्र की रक्षा और संविधान बचाने जैसे मुद्दों पर जन आंदोलन खड़े करने होंगे, ताकि हम मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में मजबूती से उभर सकें।"
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