ट्रंप का दो टूक बयान – डॉलर से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं
ट्रंप ने अपने भाषण में दोहराया कि यदि ब्रिक्स देश डॉलर के खिलाफ कोई रणनीति बनाते हैं या कोई नई कॉमन करेंसी लाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें कड़ा जवाब मिलेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा,
"अगर उन्होंने ऐसा करने की कोशिश की, तो उन्हें उसी दिन एहसास होगा कि यह कदम उनके लिए भारी पड़ेगा।" प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। हालांकि, टैरिफ नीति पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया,
"जैसा भारत टैरिफ लगाएगा, हम भी वैसा ही टैरिफ लगाएंगे।"
इस बयान से यह साफ हो गया कि अमेरिका भारत समेत किसी भी देश के साथ रेसिप्रोकल टैरिफ (प्रतिशोधी शुल्क) नीति अपनाएगा।
रेसिप्रोकल टैरिफ – 'जैसा व्यवहार, वैसा जवाब'
वाशिंगटन डीसी में पीएम मोदी की मौजूदगी के बावजूद, ट्रंप ने ब्रिक्स को लेकर अपनी सख्त बयानबाजी जारी रखी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर रेसिप्रोकल टैरिफ का जिक्र करते हुए कहा,
"जो देश अमेरिकी सामान पर जितना टैरिफ लगाएगा, अमेरिका भी उसके सामान पर उतना ही टैरिफ लगाएगा।" ट्रंप अपने कार्यकाल के दौरान से ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार में ‘आंख के बदले आंख’ की नीति अपनाने की बात करते रहे हैं। अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने कहा था कि अमेरिका अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए सख्त टैरिफ नीति अपनाएगा। ब्रिक्स को लेकर दिया गया उनका यह बयान उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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