इसी मौके पर निशांत कुमार ने कहा कि यह उनका पहला मीडिया सामना है। उन्होंने बिहार के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं और कहा, “हो सकेगा तो पिताजी को, उनकी पार्टी को आप सब जनता वोट करें, फिर से लाएं। वह अच्छा काम करेंगे।” विपक्ष ने नीतीश कुमार की टिप्पणियों पर तीखा हमला बोला है। आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, “यह भावनात्मक अपील सीएम की घटती जन अपील को उजागर करती है। नीतीश कुमार को हट जाना चाहिए और अपने बेटे को बागडोर सौंप देनी चाहिए।”
उन्होंने सवाल उठाया, “अगर एक डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बनता है और एक आईएएस अधिकारी का बेटा आईएएस अधिकारी बनता है, तो एक राजनेता का बेटा राजनेता क्यों नहीं बन सकता?” कांग्रेस के राजेश राठौर ने निशांत की टिप्पणी को एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति बताया। उन्होंने अनुमान लगाया कि नीतीश कुमार राज्य की राजनीति में एक अहम बदलाव की योजना बना रहे हैं। आने वाले महीनों में अप्रत्याशित मोड़ देखने को मिल सकते हैं।
बीजेपी ने निशांत की टिप्पणी का समर्थन किया है। बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा, “नीतीश कुमार ने बिहार के लिए जो काम किया है, वह बेमिसाल है। निशांत का बयान उनके पिता की कामयाबी को दर्शाता है। नीतीश कुमार बिहार और राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी के अहम भागीदार हैं।” बीजेपी ने दिल्ली यूनिट के विरोध के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी में 5 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जेडीयू को एक सीट दी।





