इस निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तेजस्वी यादव को पार्टी के नेतृत्व में प्रमुख स्थान प्राप्त है, और वे अब पार्टी के भविष्य के हर महत्वपूर्ण फैसले में भागीदार होंगे।
इसके अलावा, यह घोषणा की गई कि 2025 के विधानसभा चुनाव में राजद तेजस्वी यादव के नेतृत्व में ही अपनी उम्मीदवारों की घोषणा करेगा। पार्टी के नेताओं ने तेजस्वी को इस जिम्मेदारी से नवाजा और उनसे बिहार के विकास के लिए कड़ी मेहनत करने की उम्मीद जताई। तेजस्वी यादव ने इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक बड़ा दायित्व है। उनका लक्ष्य केवल बिहार को देश के प्रमुख और सर्वश्रेष्ठ राज्यों में से एक बनाना है, और इसके लिए उनके पास एक स्पष्ट विजन और रणनीति है। उन्होंने कहा, "बिहार के हर वर्ग का ध्यान रखते हुए, हम इसे आगे बढ़ाएंगे और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।" साथ ही, उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछले 17 महीनों में जो काम राजद ने किया है, वह एनडीए सरकार पिछले 18 वर्षों में नहीं कर पाई।
राजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने भी बैठक में महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि राजद को पहले राष्ट्रीय दल की मान्यता प्राप्त थी, लेकिन अब यह क्षेत्रीय दल के तौर पर पहचानी जाती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय दल की मान्यता फिर से प्राप्त करने के लिए पार्टी को नई दिशा में कार्य करना होगा और इसके लिए और मेहनत करनी पड़ेगी।
पार्टी का यह निर्णय इस बात की ओर इशारा करता है कि राजद अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाने जा रहा है।
राजद के सांगठनिक चुनावों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। पार्टी ने डॉ. रामचंद्र पूर्वे को राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी और चितरंजन गगन को राष्ट्रीय सहायक निर्वाचन पदाधिकारी नियुक्त किया है। यह नियुक्तियां पार्टी के अंदर चुनावी प्रक्रिया को सुसंगत और पारदर्शी बनाने के लिए की गई हैं।
इसी बीच, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पटना स्थित होटल मौर्या में तेजस्वी यादव से मुलाकात की। हालांकि यह मुलाकात कुछ ही मिनटों की रही, राहुल गांधी ने बाद में संविधान सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने के लिए रवाना हो गए। तेजस्वी ने इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी उनसे आगे भी मुलाकात करेंगे, और उनके घर पर भी आएंगे। यह मुलाकात इस बात का प्रतीक थी कि बिहार में कांग्रेस और राजद के बीच संबंध अच्छे हैं, और दोनों पार्टियां राज्य की राजनीति में एक-दूसरे का समर्थन करती हैं।
इस सब से यह स्पष्ट हो गया है कि राजद आगामी विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में ही अपनी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरेगा। तेजस्वी के नेतृत्व में पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए पूरी तैयारी शुरू कर दी है और इस बार पार्टी का लक्ष्य केवल सत्ता में लौटने का नहीं, बल्कि राज्य के हर नागरिक के जीवन स्तर को सुधारने का है।
Read This Also:- Bihar Poll: टिकट बँटवारे को लेकर जीतनराम माँझी ने NDA को दी चेतावनी, कहा- ‘जो दिल्ली-झारखंड में हुआ वो बिहार में नहीं होने देंगे!’
Read This Also:- Bihar Poll: टिकट बँटवारे को लेकर जीतनराम माँझी ने NDA को दी चेतावनी, कहा- ‘जो दिल्ली-झारखंड में हुआ वो बिहार में नहीं होने देंगे!’





