पार्टी ने इस वॉर रूम के संचालन के लिए 135 से 150 वॉलंटियर्स को नियुक्त किया है। ये वॉलंटियर्स कॉल सेंटर में कार्यरत हैं, जहां वे बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं से नियमित संपर्क स्थापित कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में वोटर प्रोफाइल, नए मतदाताओं का पंजीकरण, और चुनावी क्षेत्रों की आवश्यकताओं से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है।
कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में नए वोटर्स से व्यक्तिगत रूप से मिलें और उन्हें प्रदेश की वोटर लिस्ट में शामिल कराने में सहायता करें। इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में बड़ी रैलियां या आम सभाएं होने वाली हैं, वहां के कार्यकर्ताओं से विशेष तौर पर संपर्क किया जा रहा है। एनडीए के संभावित उम्मीदवारों को लेकर जनता और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जा रहा है। जमीनी हालात की गहराई से समीक्षा के लिए बूथ स्तर और जिला स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं से संपर्क किया जा रहा है।
भाजपा के इस वॉर रूम में कार्य केवल मतदाताओं और उम्मीदवारों तक सीमित नहीं है। एक महीने के भीतर इस कॉल सेंटर से सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी फोन कर उनसे योजनाओं की सफलता और उनकी राय ली जाएगी।
महिला वोटरों को लक्षित करते हुए विशेष अभियानों की योजना भी बनाई जा रही है।
इसके अतिरिक्त, भाजपा के प्रदेश सचिव (संगठन) भीखूभाई दलसानिया निजी तौर पर विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं। हालांकि, अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद उनका दौरा अस्थायी रूप से रोक दिया गया था, लेकिन इसे जल्द ही पुनः शुरू किया जाएगा।
एनडीए के सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे पर भी गंभीर चर्चा चल रही है। भाजपा उन सीटों की मांग कर सकती है, जहां वह पिछले तीन चुनावों में जीत दर्ज करने में नाकाम रही है। बदले में वह अपने सहयोगी दलों को ऐसी सीटें देने की पेशकश कर सकती है, जहां उनके जीतने की संभावना अधिक है। यह सीट बंटवारा एनडीए के भीतर आपसी समझ और सहमति के आधार पर किया जा रहा है, जिससे गठबंधन को मजबूत किया जा सके।





