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राष्ट्रीय • दिल्ली

अभिजीत दीपके और मैरी मिलबेन के बीच अमेरिकी डोनर्स को लेकर विवाद गहरा

अमेरिकी गायिका ने दीपके को चेतावनी दी कि दानदाता उनका साथ छोड़ सकते हैं।

अभिजीत दीपके और मैरी मिलबेन के बीच अमेरिकी डोनर्स को लेकर विवाद गहरा
फोटो: Conflict Deepens Between Abhijit Deepke and Mary Millben Over American Donors

मैरी मिलबेन का चेतावनी भरा बयान

अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके को एक तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यदि दीपके अपने कार्यों में सफल नहीं होते हैं, तो उनकी सहायता कर रहे अमेरिकी दानदाता उन्हें छोड़ देंगे। इससे पहले मिलबेन ने यह भी आरोप लगाया था कि दीपके को अमेरिका से वित्तीय सहायता प्राप्त हो रही है। इस पर दीपके ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि विदेशी नागरिकों को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।


भाजपा ने मिलबेन के बयान का समर्थन किया, जबकि कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा। मिलबेन ने अपने बयान में कहा, 'ओ डियर अभिजीत दीपके। सच सभी को आजाद कर देता है। जब आप सफल नहीं होंगे, तो ये अमेरिकी दानदाता आपको छोड़ देंगे। और आप सफल नहीं होंगे, क्योंकि अराजकता कभी नहीं जीतती।'


पीएम मोदी की जीत की भविष्यवाणी

मिलबेन ने 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत का भी दावा किया। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी समर्थन की आवश्यकता नहीं है। उनके पास 150 करोड़ भारतीय नागरिक हैं, जो उनका समर्थन करते हैं और 25 वर्षों से उन्हें बनाए रखे हैं। ऐसा 2029 में भी होगा।'


दीपके ने पहले मिलबेन के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि मोदी अपने ही देशवासियों पर सवाल उठाने के लिए अमेरिकी नागरिकों की मदद क्यों ले रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के मामलों को सुलझाने की क्षमता देशवासियों में है और उन्हें बाहरी सहायता की आवश्यकता नहीं है।


मिलबेन के आरोपों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

एक दिन पहले, मिलबेन ने ट्वीट किया था कि अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी को अमेरिका के दानदाताओं से फंडिंग मिल रही है, जो कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'भारत की 25 वर्षों तक सेवा करने वाले और 12 वर्षों से प्रधानमंत्री रहने वाले आपके प्रधानमंत्री देश की विघटनकारी ताकतों के आगे नहीं झुकेंगे।'


भाजपा के तेलंगाना प्रमुख एन रामचंद्र ने मिलबेन के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि यह देखा गया है कि कैसे विदेशी फंडिंग का उपयोग भारत में अस्थिरता फैलाने के लिए किया जाता है। वहीं, कांग्रेस ने मिलबेन के दावों का खंडन किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह भाजपा की पुरानी रणनीति है।