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‘सौ लाओ, सरकार बनाओ’: बीजेपी में जारी अंतर्कलह के बीच अखिलेश का मानसून ऑफर

अखिलेश ने एक बार तो यह तक कह दिया था कि अगर केशव प्रसाद मौर्य आज भी 100 विधायक ले आयें तो समाजवादी पार्टी उन्हें सरकार बनाने में समर्थन करेगी।

‘सौ लाओ, सरकार बनाओ’: बीजेपी में जारी अंतर्कलह के बीच अखिलेश का मानसून ऑफर
फोटो: ‘सौ लाओ, सरकार बनाओ’: बीजेपी में जारी अंतर्कलह के बीच अखिलेश का मानसून ऑफर
लोकसभा चुनाव हारने के बाद ही उत्तर प्रदेश में बीजेपी के बीच राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बीच जारी कलह अब सार्वजनिक हो चली है।इसके पीछे बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की शह मानी जा रही है। इसी बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य पर तंज कसा है। गुरुवार को अखिलेश यादव ने मानसून ऑफर दिया उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मानसून ऑफर: सौ लाओ, सरकार बनाओ।”



अखिलेश यादव का ऑफर


अखिलेश यादव के इस पोस्ट को केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसा पहली बार नहीं है कि अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य को यह ऑफर दिया है। केशव प्रसाद मौर्य जब जब अपनी पार्टी से नाराजगी जताते हैं तब तब अखिलेश यादव उन्हें यह ऑफर देते है। अखिलेश ने एक बार तो यह तक कह दिया था कि अगर केशव प्रसाद मौर्य आज भी 100 विधायक ले आयें तो समाजवादी पार्टी उन्हें सरकार बनाने में समर्थन करेगी।

 

इससे पहले बुधवार को भी अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्हें एक्स पर लिखा था कि यूपी की बीजेपी सरकार में कुर्सी की लड़ाई चल रही है। राज्य में शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है। अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था, “तोड़फोड़ की राजनीति जो भाजपा दूसरे दलों के साथ करती थी, अब वही काम अपने दल के साथ कर रही है, इसीलिए भाजपा अंदरूनी झगड़े के दलदल में धँसती जा रही है। भाजपा सरकार में जनता के लिए सोचने वाला कोई नहीं है।” इसके बाद अखिलेश यादव ने एक्स पर अपनी एक पोस्ट में लिखा था कि ‘लौट के बुद्धू घर को आये।’ इसे भी केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश यादव के इन बयानों पर पलटवार किया है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि देश और प्रदेश दोनों जगह भाजपा का संगठन और सरकार मज़बूत है। समाजवादी पार्टी का पीडीए का नारा एक धोखा है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के गुंडाराज की वापसी असंभव है। भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में 2017 के चुनाव के नतीजों को दोहराएगी।

हाँलाकि 2017 दोहराने की बात कहकर केशवप्रसाद मौर्य उन दिनों की याद दिला रहे हैं जब वे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष थे और पार्टी को शानदारी सफलता मिली थी। 2022 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिली सफलता का ज़िक्र उन्होने नहीं किया।

दरअसल, हाल ही में बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हुई थी। इस बैठक में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि संगठन सरकार से बड़ा है, कार्यकर्ताओं का दर्द मेरा दर्द। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अति आत्मविश्वास ने बीजेपी को लोकसभा में नुकसान पहुंचाया। योगी ने कहा था कि 2014 और उसके आगे के चुनाव में भाजपा के पक्ष में जितने फीसदी वोट पड़े थे, भाजपा 2024 में भी उतने ही वोट हासिल करने में सफल रही। लेकिन वोटों की शिफ्टिंग और अति आत्मविश्वास ने हमारी उम्मीदों को नुकसान पहुंचाया। इसी के बाद से ही दोनों नेताओं के बीच कलह की खबरें आने का सिलसिला तेज़ हो गया है।