फडणवीस की केंद्रीय राजनीति में एंट्री की अटकलें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में शामिल होने के कयास पिछले कुछ दिनों से जोर पकड़ रहे हैं। हालांकि, इस विषय पर न तो फडणवीस और न ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शीर्ष नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है। इस बीच, महाराज के पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने फडणवीस के केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित शामिल होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
पंकजा मुंडे ने कहा कि फडणवीस इस समय महाराष्ट्र में अपनी वर्तमान भूमिका में बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने यह बयान कोल्हापुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।
पंकजा मुंडे की फडणवीस की प्रशंसा
पंकजा मुंडे ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि फडणवीस एक प्रभावशाली और मजबूत नेता हैं। उन्होंने कहा कि वह पिछले लगभग ढाई दशकों से फडणवीस के साथ कार्य कर रही हैं और प्रार्थना करती हैं कि वे आगे बढ़ें। हालांकि, उनके अनुसार, फडणवीस को वर्तमान पद से हटने की कोई आवश्यकता नहीं है।
यह बयान शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत के हालिया दावे के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी फडणवीस को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहते हैं।
संजय राउत का दावा और राजनीतिक प्रतिक्रिया
संजय राउत ने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) फडणवीस को दिल्ली लाने के लिए एक बड़े बदलाव का समर्थन कर रहा है, जिसमें उन्हें उप-प्रधानमंत्री का पद सौंपने की योजना है। राउत ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 'भगवा परिवार' दिल्ली के बाहर किसी प्रमुख नेता को मोदी का उत्तराधिकारी बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसमें फडणवीस का नाम सबसे आगे है।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी सीधा हमला करते हुए कहा कि कोई भी पूर्व गृह मंत्री प्रधानमंत्री नहीं बन पाया है और शाह को पार्टी के भीतर कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
मनोज जरांगे की मांगों पर पंकजा मुंडे का बयान
पंकजा मुंडे ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के अनशन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के लिए संवैधानिक दायरे में काम कर रही है। जरांगे की मांग है कि जिन मराठाओं के कुनबी रिकॉर्ड मिले हैं, उन्हें जाति प्रमाणपत्र जारी किए जाएं।
पंकजा ने बताया कि सरकार ने जरांगे से बातचीत के लिए राधाकृष्ण विखे पाटील की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में पंचगंगा नदी में प्रदूषण की समस्या पर चर्चा की।





