भाजपा का कार्यक्रम जनता के बीच
एसआईआर मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष द्वारा चलाए जा रहे विरोध को भाजपा ने जवाब देने की तैयारी कर ली है। पार्टी अब देशभर में कार्यक्रम आयोजित कर ये स्पष्ट करने का प्रयास करेगी कि एसआईआर प्रक्रिया न केवल सही है, बल्कि यह पूर्व की कांग्रेस सरकारों की नीतियों के अनुरूप भी है।
भाजपा का मानना है कि विपक्ष के इस तरह के प्रयासों से न तो आगामी चुनावों पर कोई असर पड़ेगा और न ही जनता उनके झांसे में आने वाली है। पार्टी के बड़े नेता अब इस मुद्दे पर सक्रिय हो गए हैं, जबकि विपक्ष ने एसआईआर के खिलाफ एकजुट होकर सड़क पर उतरने का निर्णय लिया है।
गृह मंत्री का बयान
इससे पूर्व, गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा था कि उनके अराजकतावादी रवैये को जनता उचित जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अगले लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करेगी। पार्टी ने विपक्ष के आरोपों का पर्दाफाश करने के लिए संगठन स्तर पर काम शुरू कर दिया है।
भाजपा लोगों को यह बताने का प्रयास करेगी कि चुनाव आयोग द्वारा अपनाई गई प्रक्रियाएं पूरी तरह से वैध हैं, जबकि विपक्ष ने भ्रम और डर फैलाने का रास्ता अपनाया है।
आगामी चुनावों पर विपक्ष का प्रभाव
भाजपा के नेताओं का मानना है कि चुनाव आयोग और एसआईआर की प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों का आगामी विधानसभा चुनावों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। महत्वपूर्ण यह है कि अगले साल के आरंभ में पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में चुनाव होने हैं, जिनमें भाजपा सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।
इसके अलावा, साल के अंत में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी चुनाव होंगे, और पार्टी ने उन राज्यों में भी अपनी स्थिति मजबूत करने की योजना बनाई है।
बिहार चुनाव में विपक्ष का असफल प्रयास
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि चुनावी राज्यों में विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई खास असर नहीं दिखाई दे रहा है। उदाहरण के लिए, बिहार में कांग्रेस का अभियान मतदाता सूची में गड़बड़ी पर केंद्रित था, लेकिन राजग ने भारी बहुमत से जीत हासिल की।
सरकार का यह भी स्पष्ट मानना है कि दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों और आंदोलनों पर सीजेपी को विरोध-प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गई थी। 20 जुलाई को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद, सरकार ने लोगों और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपाय किए हैं। अतिरिक्त सुरक्षा बल तब तक तैनात रहेंगे जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।





