CJP नेताओं के समर्थन में स्टालिन का बयान
तिहाड़ जेल में बंद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के समर्थन में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान CJP के दो नेताओं, आशुतोष रांका और सौरव दास, की गिरफ्तारी को लेकर कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों को जेल में डालकर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह तरीका सफल नहीं होगा।
स्टालिन ने स्पष्ट किया कि जितने अधिक युवाओं को हिरासत में लिया जाएगा, उतने ही अधिक आम नागरिक सड़कों पर उतरकर अपनी ताकत प्रदर्शित करेंगे।
गिरफ्तारी का संदर्भ
यह मामला CJP के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास से संबंधित है, जिन्हें दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ 'वोट चोरी' के आरोपों पर प्रदर्शन करते समय गिरफ्तार किया गया। इन दोनों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाई थी। उनकी गिरफ्तारी के बाद देशभर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
स्टालिन ने सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं के साथ एकजुटता जताते हुए लिखा कि उन्हें केवल इसलिए जेल भेजा गया क्योंकि उन्होंने वोट चोरी के खिलाफ बोला।
दमन के खिलाफ आम नागरिकों का विरोध
स्टालिन ने चेतावनी दी कि जितने अधिक युवाओं को जेल में डालने का प्रयास किया जाएगा, उतने ही अधिक आम नागरिक (जो किसी राजनीतिक दल से सीधे नहीं जुड़े हैं) सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि ये आम लोग सरकार को असली जनसत्ता का एहसास कराएंगे। उनके बयान से स्पष्ट था कि दमन के प्रयासों से विरोध को समाप्त नहीं किया जा सकता।
स्टालिन ने यह भी कहा कि डीएमके इन दोनों युवा कार्यकर्ताओं को हर संभव कानूनी सहायता और समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पार्टी उनके लिए अदालत में लड़ाई लड़ेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
इसी बीच, स्टालिन ने अपने पुराने रुख को दोहराते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में उठे विवाद और मतदाता सूची में अनियमितताओं के कारण ज्ञानेश कुमार को अपने पद से हटना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना अनिवार्य है।





