Vice President Election: धनखड़ के इस्तीफ़े बाद घिरी सरकार
धनखड़ ने 2022 के उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार के तौर पर विपक्ष की प्रत्याशी मार्गरेट अल्वा को हराया था और देश के 14वें उपराष्ट्रपति बने थे। लेकिन उनके अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। उनका कहना है कि जब न तो स्वास्थ्य कारण सामने आए और न ही कोई संवैधानिक बाध्यता, तो फिर उपराष्ट्रपति जैसे गरिमामय पद से धनखड़ को इस्तीफा क्यों देना पड़ा? विपक्ष ने मोदी सरकार से इस इस्तीफे की उचित वजह सार्वजनिक करने की मांग की है।
अनुच्छेद 324 के तहत ECI को उपराष्ट्रपति चुनाव कराने का अधिकार
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग को उपराष्ट्रपति पद के चुनाव कराने का अधिकार प्राप्त है। इसके तहत आयोग ने 2025 के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की अद्यतन सूची को अंतिम रूप दे दिया है।
संविधान के अनुच्छेद 66(1) के अनुसार, उपराष्ट्रपति का निर्वाचन एक विशेष निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें शामिल होते हैं:
राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य,
राज्यसभा के मनोनीत सदस्य,
और लोकसभा के निर्वाचित सदस्य।
इस प्रक्रिया में राष्ट्रपति और राज्य विधानसभाओं के सदस्य भाग नहीं लेते।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सूची उपराष्ट्रपति चुनाव नियम, 1974 के नियम 40 के अनुसार तैयार की गई है। इस नियम के अंतर्गत आयोग को यह अधिकार प्राप्त है कि वह निर्वाचक मंडल के सदस्यों की नवीनतम सूची, उनके अद्यतन पतों सहित, तैयार करे और रखे।
आयोग द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, सभी सदस्यों को एक सतत क्रम में, वर्णानुक्रम के अनुसार, उनके संबंधित सदनों के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के आधार पर व्यवस्थित किया गया है। यह सूची मतदान की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से तैयार की गई है।





