डिलीवरी एजेंट ने क्या कहा?
एक डिलीवरी एजेंट ने न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, “हमें अपना काम करना है। नहीं तो हम गुज़ारा कैसे करेंगे?” इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह हड़ताल का समर्थन करते हैं। आगे वह कहते हैं, अगर सब लोग हड़ताल में शामिल होने को तैयार हैं, तो मैं भी हो जाऊंगा।
दिल्ली में एक और डिलीवरी एजेंट ने ANI को बताया कि भले ही फूड डिलीवरी वर्कर्स की हड़ताल देशव्यापी है, लेकिन कुछ लोग आर्थिक तंगी की वजह से नए साल की पूर्व संध्या पर भी डिलीवरी कर रहे हैं। गिग वर्कर्स की हड़ताल पूरे देश में जारी है। उन्होंने कहा, "यहां रोज़ाना मज़दूरी पर निर्भर लोगों के लिए हड़ताल में ढील दी गई है। वहीं हड़ताल का कारण सही कमाई की कमी है।"
इंडियन फेडरेशन ऑफ़ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट भी सपोर्ट में
प्लेटफ़ॉर्म-बेस्ड डिलीवरी वर्कर इंडियन फेडरेशन ऑफ़ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट गिग वर्कर्स इस हड़ताल में शामिल हैं। उनकी प्रमुख मांगों में ज्यादा काम का दबाव, कम सैलरी और सोशल सिक्योरिटी की कमी जैसे मुद्दों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं।
न्यूज़ एजेंसी PTI ने इंडस्ट्री सूत्रों के हवाले से बताया कि हड़ताल की वजह से नए साल पर डिलीवरी सेवाओं पर असर पड़ने की उम्मीद है, यह ऐसा मौका होता है। जब डिलीवरी की डिमांड सालभर में सबसे अधिक रहती है।
PTI की एक रिपोर्ट बताती है कि गिग वर्कर्स की हड़ताल के दौरान, दो प्रमुख फ़ूड प्लेटफ़ॉर्म जोमैटो और स्विगी ने त्योहारों के मौसम में एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस के तौर पर अपने डिलीवरी पार्टनर्स को ज़्यादा इंसेंटिव देने की घोषणा की है।
कंपनी ने की इंसेंटिव देने की घोषणा
रिपोर्ट के मुताबिक जोमैटो ने नए साल की पूर्व संध्या पर शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक पीक आवर्स के दौरान अपने डिलीवरी पार्टनर्स को प्रति ऑर्डर रु 120-150 तक का पेमेंट देने की पेशकश की है। ऐसा तब हुआ जब भारत में गिग वर्कर्स की हड़ताल चल रही हैं। घटनाक्रम से जुड़े लोगों के अनुसार, पार्टनर्स को ऑर्डर की संख्या और वर्करों की उपलब्धता के आधार पर पूरे दिन में ₹3,000 तक की कमाई का भी वादा किया गया है।
वहीं सूत्रों के मुताबिक गिग वर्कर्स की हड़ताल के दौरान स्विगी ने भी नए साल के दौरान अपने स्टाफ को बढ़े हुए इंसेंटिव दिए हैं और 31 दिसंबर और 1 जनवरी को अपने डिलीवरी पार्टनर्स को रु 10,000 तक की कमाई की पेशकश की है।
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