विपक्ष का कानूनी कदम
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार द्वारा 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जाने के खिलाफ विपक्षी 'INDIA' गठबंधन ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ 'चलो दिल्ली' मार्च निकाला और सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े। हालांकि, सीजेआई सूर्यकांत के साथ ज्ञापन सौंपने की योजना विफल रही, जिसके बाद उन्होंने औपचारिक याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया।
याचिका का विवरण
याचिका में राहुल गांधी को मुख्य याचिकाकर्ता बनाया गया है, जिसमें 'INDIA' ब्लॉक के अन्य 10 प्रमुख नेताओं के हस्ताक्षर भी शामिल हैं, जैसे मल्लिकार्जुन खड़गे, सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, संजय राउत, एम. ए. बेबी, डी. राजा, महुआ माजी, सुप्रिया सुले, और ई. टी. मोहम्मद बशीर।
इस कानूनी दस्तावेज में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं को हटाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। इसके अलावा, चुनाव आयोग के कार्यों में संवैधानिक हस्तक्षेप करने और अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को ध्यान में लेने का अनुरोध किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में संभावित सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने सोमवार शाम तक सभी तकनीकी खामियों को दूर कर याचिका दायर करने का निर्देश दिया है। सीजेआई सूर्यकांत ने यह स्पष्ट किया था कि यदि याचिका समय पर दाखिल की जाती है, तो अदालत मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को इस पर सुनवाई कर सकती है।
राहुल गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं और सो नहीं पा रहे हैं। केंद्र सरकार के कम से कम 200 वरिष्ठ अधिकारी हमारे संपर्क में हैं और हमें अंदर की जानकारी दे रहे हैं।' उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे की सलाह दी।
आगे की स्थिति
इस कानूनी चुनौती के बाद, 'INDIA' गठबंधन ने राजनीतिक और कानूनी मोर्चे पर एक ठोस कदम उठाया है। अब सभी की नज़रें मंगलवार को होने वाली संभावित सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जो इस मामले में महत्वपूर्ण मोड़ ला सकती है।
राहुल गांधी ने कहा, 'यह लड़ाई लोकतंत्र और संविधान को बचाने की है,' जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है।





