बीकानेर हाउस में विवादित प्रदर्शनी
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को दिल्ली के बीकानेर हाउस में प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे, फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की फोटोग्राफी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान, उन्होंने लगभग 70 तस्वीरों को हटाए जाने के विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। थरूर ने तस्वीरें हटाने पर गहरी नाराजगी दिखाई और इसे भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को और नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया।
उन्होंने कहा, 'बीकानेर हाउस को कला और संस्कृति का केंद्र माना जाता है। सच में, लोग राजनीतिक कारणों से तस्वीरें देखने नहीं आते हैं। यह ऐसी जगह नहीं है जहां नारेबाजी की जाए। लोग कलाकार की दृष्टि देखने आते हैं। उन सूनी दीवारों को देखना वाकई दुखद था।'
सेंसरशिप पर थरूर की चिंता
थरूर ने आगे कहा कि सेंसरशिप ने आजादी पसंद लोकतंत्र के रूप में भारत की वैश्विक छवि को कमजोर किया है। उन्होंने बीकानेर हाउस प्रशासन के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे कई दृष्टियों से शर्मनाक करार दिया।
उन्होंने कहा, 'इस मामले में अगर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रश्न अदालत में उठाया जाता, तो निश्चित रूप से ऐसी तस्वीरों को अनुमति मिल जाती।' थरूर ने यह भी कहा कि प्रदर्शनी में शामिल तस्वीरें पहले ही लोगों की सामूहिक स्मृति में दर्ज हो चुकी थीं।
बीकानेर हाउस का स्पष्टीकरण
बीकानेर हाउस ने इस पूरे विवाद पर अपनी सफाई दी है, जिसमें कहा गया है कि कुछ तस्वीरें उसकी नीति के अनुरूप नहीं पाई गईं, इस कारण उन्हें हटाने का निर्णय लिया गया। हालांकि, अन्य तस्वीरें प्रदर्शित की गईं।
थरूर ने कहा कि इस विवाद की सार्वजनिकता ने इसे और अधिक लोगों तक पहुंचाया है, जो शायद प्रदर्शनी के निर्बाध चलने के दौरान नहीं हो पाता। उन्होंने कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को धन्यवाद भी दिया, जिन्होंने रेहान की फोटोग्राफी प्रतिभा को मान्यता दी।





