मनोज जरांगे का आरोप
महाराष्ट्र की राजनीतिक हलचल में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनके आंदोलन को समाप्त कराने के लिए एक साजिश का सहारा लिया और इसके बदले में भाजपा से 500 करोड़ रुपये प्राप्त किए। उनके अनुसार, यह रकम शिवसेना नेता और सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से दी गई थी।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है, उनका कहना है कि न तो उन्होंने किसी से पैसे लिए हैं और न ही किसी को दिए हैं। उन्होंने जरांगे को यह आरोप साबित करने की चुनौती दी। इसके बाद, जरांगे ने एक ऑडियो क्लिप जारी किया, जिसमें एक महिला यह दावा करती सुनाई देती है कि जरांगे को 500 करोड़ रुपये उपमुख्यमंत्री के बेटे के माध्यम से पहुंचाए गए।
SIT जांच की मांग
जरांगे ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को इसी ऑडियो क्लिप की SIT (विशेष जांच दल) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच न होने की स्थिति में 'सरकार और संबंधित नेताओं पर से जनता का भरोसा उठ जाएगा।' वायरल हुए ऑडियो में एक महिला का दावा है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से इन पैसों का लेन-देन किया गया।
जरांगे ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यह क्लिप असली है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाई गई नहीं है। उन्होंने इस मामले की गहराई में जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को SIT में योग्य और निष्पक्ष अधिकारियों को नियुक्त करना चाहिए।
सीएम फडणवीस को चेतावनी
जरांगे ने मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे को चेतावनी दी कि 'सिर्फ इसलिए कि वे आपके अपने लोग हैं, सच को झूठ और झूठ को सच में न बदलें।' उन्होंने सत्ताधारी पार्टी के लोगों को बचाने की कोशिश न करने की भी सलाह दी। कार्यकर्ता ने कहा कि शिंदे की कथित संलिप्तता पर स्थिति को स्पष्ट किया जाना चाहिए और पैसों के लेन-देन से संबंधित जानकारी को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस ऑडियो क्लिप को उन्होंने जारी किया, वह तीन घंटे पहले ही कैसे वायरल हुई। जरांगे ने मांग की कि इस पहलू को भी SIT जांच में शामिल किया जाए।
जनता का भरोसा और फॉरेंसिक जांच
इससे पहले, शिवसेना नेता रामदास कदम ने जरांगे पर आरोप लगाया कि वह डिप्टी CM शिंदे को 'खत्म करने' के लिए BJP के साथ साजिश कर रहे हैं। कदम का कहना था कि जरांगे मराठा समुदाय को भ्रमित कर रहे हैं और उनके प्रयासों का पर्दाफाश हो गया है। जरांगे ने जवाब देते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं होती है, तो सरकार और संबंधित नेताओं से जनता का भरोसा उठ जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, 'यह जांच पूरी तरह से की जाएगी और जो भी सच होगा, उसे सामने लाया जाएगा।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यह बातचीत ढाई साल बाद क्यों सामने आई है और इसके पीछे की असली मंशा क्या है।





