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दिल्ली में प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान की फेक न्यूज साजिश का खुलासा

दिल्ली पुलिस ने फेक न्यूज फैलाने के आरोप में चार मामले दर्ज किए हैं।

दिल्ली में प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान की फेक न्यूज साजिश का खुलासा
फोटो: Revelation of Pakistan's Fake News Conspiracy Amid Protests in Delhi

दिल्ली में माहौल बिगाड़ने की साजिश

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान फेक न्यूज और अफवाहें फैलाने के पीछे एक सुनियोजित साजिश का संदेह जताया जा रहा है। इस संदर्भ में दिल्ली पुलिस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पुलिस ने प्रदर्शनों से जुड़ी फेक न्यूज और अफवाहें फैलाने वाले सोशल मीडिया पेजों के खिलाफ चार मामले दर्ज किए हैं।


पुलिस द्वारा की गई जांच में यह बात सामने आई है कि पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया पेज इस साजिश में शामिल हैं, जो भारत में तनाव बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। फेक न्यूज के चलते कानून-व्यवस्था में विकृति की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह चौकस है।


कड़ी कार्रवाई और जांच प्रक्रिया

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ चार केस दर्ज किए हैं और विशेष ध्यान उन पृष्ठों पर दिया जा रहा है, जो पाकिस्तान से संचालित होते हैं। पुलिस का कहना है कि इन संदिग्ध पेजों द्वारा फैलाए जा रहे फेक न्यूज से कानून-व्यवस्था में खलल पड़ सकता है।


पुलिस ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर निगरानी रखी है और इस दौरान लगभग 500 पोस्टों को हटवाने का काम किया गया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि गलत सूचनाओं का प्रसार न हो।


पाकिस्तानी टूलकिट की सक्रियता

'इंडिया टुडे' की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान अशांति फैलाने के लिए एक पाकिस्तानी टूलकिट को सक्रिय किया गया है। इस टूलकिट का संचालन पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा किया जा रहा है, जिसमें कई विदेशी अकाउंट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।


इन फेक न्यूज में झूठे दावे किए गए हैं, जैसे कि 'राहुल गांधी घायल हो गए', 'दिल्ली पुलिस ने गोली चलाई', और 'विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में 13 युवाओं की मौत हुई है।'


पुलिस की साइबर पेट्रोलिंग टीम की सक्रियता

एएनआई के अनुसार, दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट के पास एक विशेष साइबर पेट्रोलिंग टीम है, जो झूठी पोस्टों की जांच करती है। यदि कोई पोस्ट कानून-व्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न करती है, तो उस पर कार्रवाई की जाती है।


एक विशेष हैंडल की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसका आईपी एड्रेस पाकिस्तान का है। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है। एडिशनल सीपी संजय भाटिया ने बताया कि जांच के दौरान कई झूठी पोस्टें मिलीं, जिनका उद्देश्य अराजकता फैलाना था।


स्थिति की गंभीरता पर पुलिस का बयान

एडिशनल सीपी संजय भाटिया ने कहा कि हमने अन्य मामलों में भी कार्रवाई की है और पूरे मामले की जांच जारी है। जैसे-जैसे और सबूत मिलेंगे, हम उन्हें साझा करेंगे।


उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में रजिस्टर्ड हैंडल से झूठा दावा किया गया था कि पुलिस प्रदर्शनकारियों पर गोली चला रही है, जो तनावपूर्ण माहौल बनाने की कोशिश थी। पुलिस ने इन पोस्टों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए और मामले दर्ज किए।