पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर लागू
गडकरी ने बताया कि यह योजना पहले कुछ राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई थी। परीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को सुधारकर अब इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है। यह कदम सड़क हादसों के शिकार लोगों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। मंत्री ने यह भी बताया कि हिट एंड रन मामलों में मौत होने पर पीड़ित के परिजनों को सरकार की ओर से 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इस घोषणा के दौरान गडकरी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों, सचिवों और आयुक्तों के दो दिवसीय सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
सड़क सुरक्षा पर सरकार का फोकस
गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि स्कूलों के ऑटोरिक्शा और मिनी बसों के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं, क्योंकि इनसे जुड़ी दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में मौतें हो रही हैं। गडकरी ने बताया कि साल 2024 में 1.80 लाख मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुईं, जिनमें से 30,000 मौतें हेलमेट न पहनने के कारण हुईं। इनमें 66% मौतें 18-34 आयु वर्ग के लोगों की हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में एंट्री और एग्जिट पॉइंट की खराब व्यवस्था के कारण 10,000 बच्चों की जान चली गई। सड़क नियमों का उल्लंघन, जैसे ड्राइविंग लाइसेंस न होना और सिग्नल का पालन न करना, भी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण है।
ई-रिक्शा और भारी वाहनों के लिए नई योजना
गडकरी ने बताया कि सरकार ई-रिक्शा के लिए सुरक्षा स्टार रेटिंग शुरू करने की योजना बना रही है। साथ ही, भारी वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आपातकालीन ब्रेकिंग सिस्टम और ड्राइवर को नींद आने पर ऑडियो-अलर्ट मैकेनिज्म लागू किया जाएगा। यह तकनीक ट्रकों और बसों में भी इस्तेमाल की जाएगी।
Read This Also:- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने टोल राहत योजना का दिया संकेत, बोले- ‘टोल से जुड़ी सभी समस्याएँ होंगी ख़त्म’
Read This Also:- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने टोल राहत योजना का दिया संकेत, बोले- ‘टोल से जुड़ी सभी समस्याएँ होंगी ख़त्म’





