जन्नत बिश्नोई का परिचय
जन्नत बिश्नोई, जो राजस्थान की निवासी हैं, वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में बीए सेकेंड ईयर की छात्रा हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) की कार्यकारी पार्षद के रूप में कार्यरत हैं और कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की सदस्य भी हैं। जन्नत ने छात्र राजनीति और प्रदर्शनों में सक्रियता दिखाई है, विशेष रूप से महिला सुरक्षा के मुद्दों पर।
महिला सुरक्षा और पर्यावरण पर सक्रियता
जन्नत बिश्नोई ने कैंपस में महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई मुद्दों को उठाया है, जिसमें CCTV नेटवर्क और पिंक पुलिस बूथों की स्थापना की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, वह पर्यावरण संरक्षण से संबंधित अभियानों में भी भाग ले चुकी हैं, जैसे राजस्थान ट्री प्रोटेक्शन बिल का समर्थन।
उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर विरोध प्रदर्शनों और NSUI के कार्यक्रमों के वीडियो उपलब्ध हैं, जिनमें वह महिलाओं के समूह का नेतृत्व करते हुए 'स्मैश द पैट्रिआर्की' का नारा लगाते हुए दिखाई देती हैं। इस दौरान, उनके साथ उपस्थित समूह 'हमें न्याय चाहिए' के नारे भी लगाता है।
सुप्रीम कोर्ट तक का मार्च
सोमवार को दिल्ली के मध्य क्षेत्र में हजारों लोगों ने इकट्ठा होकर विपक्षी नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर निकाला गया था। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और नेहा बोरा भी मौजूद थे।
जब भीड़ बढ़ी, राहुल गांधी एक ट्रक पर चढ़ गए, जिसमें जन्नत बिश्नोई भी शामिल थीं। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन किया, जबकि जन्नत पास में खड़ी होकर जोरदार नारेबाजी कर रही थीं। इस मार्च के दौरान, INDIA गठबंधन के नेताओं ने भी अपने विरोध प्रदर्शन किए।
विपक्ष की कानूनी कार्रवाई
मार्च के दौरान, विपक्ष की कानूनी टीम ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कथित 'वोट चोरी' के आरोपों पर याचिका दायर की। जब विपक्षी नेताओं ने कुछ दूरी तय की, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद, राहुल गांधी खुद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और वहां मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की।





