फारुख अब्दुल्ला की सरकार पर सीधी नसीहत
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को एक नई चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर देश में चल रहे प्रदर्शनों में कोई विदेशी ताकत शामिल है, तो सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि वह कौन सा देश है। अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि जब भी केंद्र सरकार संकट में होती है, वह विदेशी साजिशों का बहाना बनाने लगती है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि उन्हें विदेशी हस्तक्षेप स्पष्ट नजर आता है, लेकिन अपनी गलतियों का सामना करने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा, "अगर वास्तव में कोई विदेशी हाथ है, तो सरकार को खुलकर बताना चाहिए कि वह कौन सा देश है।"
विदेशी हाथ के आरोपों पर सख्त सवाल
फारुख अब्दुल्ला ने कहा, "जब भी दिल्ली की सरकार खतरे में होती है, तो उन्हें विदेशी हाथ नजर आने लगता है। उन्हें अपनी गलतियाँ नहीं दिखतीं। आखिर यह कौन कर रहा है? यदि वे कहते हैं कि इसमें 'विदेशी हाथ' है, तो उस देश का नाम बताएं।" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास केवल 'विदेशी हाथ' की बातें करने के लिए कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं।
उन्होंने आगे कहा, "हर चीज में उन्हें विदेशी हाथ ही नजर आता है।" इस वक्तव्य के माध्यम से अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि सरकार को अपने दावों का समर्थन करने के लिए ठोस जानकारी प्रस्तुत करनी चाहिए।
पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति पर विचार
फारुख अब्दुल्ला ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बारे में बात करते हुए कहा कि अब युद्ध खत्म करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, "यह ट्रम्प की मेहरबानी है, जो दुनिया में तबाही ला रहे हैं। उन्हें कब समझ आएगा? पूरी दुनिया इस समय कठिनाइयों का सामना कर रही है।"
उन्होंने महंगाई का उदाहरण देते हुए कहा कि इस समय गरीबों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। अब्दुल्ला ने कहा, "अब समय आ गया है कि ट्रम्प इस युद्ध को रोकें। न्याय के लिहाज से भी ईरान को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। यह युद्ध का समय नहीं है।"
फारुख अब्दुल्ला की राजनीतिक पृष्ठभूमि
फारुख अब्दुल्ला को राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उनके विचारों के लिए जाना जाता है, जिसके चलते कई बार उन्हें विरोध का सामना भी करना पड़ा है। वह जम्मू-कश्मीर में तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और कांग्रेस के साथ मिलकर काम करते रहे हैं।
फारुख अब्दुल्ला मोदी सरकार की आलोचना करने के लिए भी प्रसिद्ध हैं। उनकी हालिया टिप्पणी विदेशी साजिशों के बारे में ऐसे समय में आई है, जब सत्ताधारी पार्टी के समर्थकों द्वारा प्रदर्शनों में विदेशी ताकतों के हस्तक्षेप का निरंतर आरोप लगाया जा रहा है।





