दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को विपक्षी 'INDIA' गठबंधन द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विरोध मार्च के संदर्भ में चार FIR दर्ज की हैं। ये FIR बिना अनुमति प्रदर्शन करने, मिनी ट्रक द्वारा बैरिकेड्स तोड़ने और सड़कों पर नारे लिखने के आरोपों के आधार पर दर्ज की गई हैं।
पुलिस द्वारा तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में दो FIR और मंदिर मार्ग व बाराखंभा रोड पुलिस स्टेशन में एक-एक FIR दर्ज की गई है। FIR में कनॉट प्लेस में BNSS की धारा 163 के उल्लंघन का उल्लेख है।
विरोध प्रदर्शन का विवरण
पुलिस का कहना है कि विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिना किसी आधिकारिक अनुमति के मार्च निकाला। FIR में उल्लेख किया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ नेताओं को अपने मिनी ट्रक से बैरिकेड्स तोड़ते हुए देखा गया। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों पर सार्वजनिक सड़कों को बदरंग करने और उन पर पेंट से नारे लिखने के भी आरोप हैं।
दिल्ली में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए, पुलिस ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती को 20 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका का मामला
राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने 12 अक्टूबर को बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। इस प्रदर्शन के बाद, नेताओं ने चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) संबंधी फैसलों को चुनौती दी।
याचिका में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के निर्णयों पर सवाल उठाए हैं। इसमें तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और अन्य प्रमुख नेता शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री की ओर से खामियां
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिका में 14 खामियां बताई हैं। रजिस्ट्री ने यह स्पष्ट करने को कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य दो चुनाव आयुक्तों को याचिका में प्रतिवादी क्यों बनाया गया है। याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल की गई है, जिसमें चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों की जांच की मांग की गई है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली पुलिस ने CAPF की 273 कंपनियों की तैनाती 20 अक्टूबर तक बढ़ाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनुरोध किया है। अधिकारियों ने इसके पीछे संभावित प्रदर्शनों की आशंका बताई है।
पुलिस का कहना है कि ये बल जंतर-मंतर, चुनाव आयोग, संसद भवन और इंडिया गेट जैसे संवेदनशील स्थानों पर संभावित प्रदर्शनों से निपटने के लिए तैनात किए जाएंगे।
CAPF की तैनाती की जानकारी
दिल्ली में कुल 301 CAPF कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी गई है। इनमें से 221 कंपनियां 6 अक्टूबर को दिल्ली पहुंची थीं, जबकि 80 अन्य कंपनियों को 8 अक्टूबर को अनुमति दी गई थी।
इस बीच, राहुल गांधी ने मंगलवार को विपक्षी सांसदों को अपने आवास पर हाई टी के लिए आमंत्रित किया है।





