CJP का धरना-प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चुनाव आयोग में कथित अनियमितताओं के खिलाफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इस आयोजन में देशभर से हजारों युवा CJP के समर्थक भाग लेने की उम्मीद कर रहे हैं।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस प्रदर्शन का समर्थन करने का फैसला किया है और उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ इसमें भाग लेने की घोषणा की है। उन्होंने चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार को इस मामले का जिम्मेदार ठहराया और इस प्रोटेस्ट को अनिवार्य बताया।
केजरीवाल का बयान
गोवा की राजधानी पणजी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए केजरीवाल ने कहा, 'मैं पूरे देश के लोगों से अपील करता हूं कि केंद्र में भाजपा सरकार हमारे जनतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रही है, लोगों के वोट काटे जा रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि 'जो कोई भाजपा को वोट नहीं देता है, उसके वोट काट देते हैं और फर्जी वोट जोड़ देते हैं। यह सब ज्ञानेश कुमार के अंतर्गत खुलेआम हो रहा है।'
उन्होंने सभी से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की और कहा, 'यह किसी एक व्यक्ति या पार्टी की बात नहीं है, यह देश की बात है। मुझे और मेरे परिवार को भी इस प्रदर्शन में शामिल होने का संकल्प है।'
पुलिस की अनुमति का अभाव
हालांकि केजरीवाल और CJP के सदस्यों ने धरना-प्रदर्शन की तैयारी पूरी कर ली है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस आयोजन के लिए अनुमति देने से इंकार कर दिया है।
दिल्ली पुलिस की संयुक्त आयुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के प्रदर्शन करने पर इसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 का उल्लंघन माना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी
पुलिस ने बताया कि CJP के सह-संयोजक सौरव दास द्वारा प्रदर्शन के संबंध में जो आवेदन दिया गया था, वह 7 अक्टूबर को प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि किसी प्रदर्शन के आयोजन के लिए कम से कम 10 दिन पहले सूचना देना आवश्यक है।
नूपुर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि समय की कमी के कारण प्रशासन को प्रदर्शन की अनुमति देने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।





