गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद के समक्ष कहा,
"हम शांति का प्रयास नहीं छोड़ सकते... और हमें ऐसा करना भी नहीं चाहिए।"
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हालात तेजी से नियंत्रण से बाहर जा सकते हैं और पूरी दुनिया के लिए एक अस्थिरता का कारण बन सकते हैं। उन्होंने अमेरिका-ईरान टकराव को "खतरनाक मोड़" बताया और सभी पक्षों से संयम बरतने तथा जवाबी कार्रवाई से बचने की अपील की।
गुटेरेस ने कहा कि दो दिन पहले ही उन्होंने इसी मंच से शांति की अपील की थी, लेकिन उसकी अनदेखी करते हुए अमेरिका ने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर बमबारी की, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "यह हमला उस क्षेत्र में एक खतरनाक मोड़ है जो पहले से ही अस्थिरता और संघर्ष से जूझ रहा है।
गुटेरेस ने संकट से निपटने के लिए सभी पक्षों से तत्काल बातचीत शुरू करने और कूटनीतिक समाधान तलाशने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर एक "विश्वसनीय, व्यापक और सत्यापन योग्य समझौते" की आवश्यकता है, जो अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को निरीक्षण की पूर्ण और निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करे।





