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PM मोदी के इजराइल दौरे के बाद हुआ ईरान पर हमला, विदेश मंत्री सार ने स्पष्ट किया

PM मोदी का इजराइल दौरा दो दिनों का था और यह 26 फरवरी को समाप्त हुआ था, जबकि इजराइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य आक्रमण उसी सप्ताह के बाद शुरू।

PM मोदी के इजराइल दौरे के बाद हुआ ईरान पर हमला, विदेश मंत्री सार ने स्पष्ट किया
फोटो: Gideon Saar statement, PM Modi Israel visit
इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हाल ही में ईरान पर किए गए हवाई हमलों की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। सार के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई मोदी की इजराइल यात्रा समाप्त होने के बाद ही तय की गई थी। पीएम मोदी का इजराइल दौरा दो दिनों का था और यह 26 फरवरी को समाप्त हुआ था, जबकि इजराइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य आक्रमण उसी सप्ताह के बाद शुरू किया। इस हमले में ईरानी सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई।

रायसीना डायलॉग में बयान

गिदोन सार ने ‘रायसीना डायलॉग’ में डिजिटल माध्यम से बातचीत करते हुए कहा कि इजराइल और भारत के बीच पिछले कुछ वर्षों में संबंध बेहद मजबूत और गहरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का इजराइल दौरा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मोदी को इस हमले के बारे में जानकारी देना संभव नहीं था क्योंकि यह निर्णय शनिवार की सुबह लिया गया।

हमले की वजहें: अमेरिका-ईरान वार्ता की विफलता

सार ने हमला शुरू करने के पीछे के कारणों को स्पष्ट करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने के कारण यह कदम उठाना आवश्यक था। उन्होंने बताया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अभी भी सक्रिय है, देश बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित कर रहा है और हिज़बुल्लाह, हमास व हूती जैसे आतंकवादी संगठनों का समर्थन जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का इजराइल दौरा समाप्त होने के बाद ही क्षेत्रीय हालात तेजी से बदले और इजराइल को सैन्य कार्रवाई का फैसला लेना पड़ा। सार ने यह भी कहा कि इजराइल को उम्मीद है कि भविष्य में ईरान में शासन में बदलाव हो सकता है।

हिज़बुल्लाह और क्षेत्रीय हालात

इजराइली विदेश मंत्री ने कहा कि हिज़बुल्लाह का ईरान समर्थित योगदान इस संघर्ष को और बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि हिज़बुल्लाह ने तीन दिन पहले लेबनान और उसके नागरिकों के हित के बजाय ईरान के निर्देशों के अनुसार लड़ाई में शामिल होने का फैसला किया। इस समूह ने उत्तरी इजराइल सहित आबादी वाले इलाकों में मिसाइल और ड्रोन लॉन्च किए हैं। सार ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष एकतरफा नहीं होगा और इलाके में स्थिति और जटिल हो गई है।

गिदोन सार ने दोहराया कि इजराइल और भारत के बीच संबंध बेहद मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का इजराइल दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करता है, लेकिन समय और रणनीतिक कारणों के चलते ईरान पर हमले की जानकारी पहले से साझा करना संभव नहीं था।

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