उत्तराखंड राज्य आंदोलन और पहचान
शाह ने अपने भाषण की शुरुआत राज्य आंदोलन से की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा। रामपुर तिराहा कांड जैसी हिंसा का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद आंदोलनकारियों ने संघर्ष जारी रखा। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ के निर्माण का निर्णय लिया। आज ये राज्य तेजी से विकास कर रहे हैं।
न्याय व्यवस्था में सुधार और आधुनिक संहिता
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेढ़ सौ साल पुराने ब्रिटिश कानूनों को बदलते हुए नई भारतीय न्याय संहिता लागू की है। 2028 तक इसका पूर्ण क्रियान्वयन हो जाएगा, जिससे किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक निर्णय में अधिकतम तीन साल का समय लगेगा। शाह ने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक न्याय संहिता बताया।
शरणार्थियों और नागरिकता का सम्मान
अमित शाह ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों को बधाई दी और कहा कि उन्हें भारतीय नागरिकता का पूरा अधिकार मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि शरणार्थियों को उनका धर्म और परिवार की इज्जत बचाने का अधिकार है और किसी भी विरोध के बावजूद उन्हें नागरिकता प्रदान करने का निर्णय सरकार अडिग रूप से करेगी।
ऐतिहासिक उपलब्धियां और विकास के कार्य
Amit Shah ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 समाप्त की, सीएए लागू किया और राम मंदिर का निर्माण सुनिश्चित किया। उत्तराखंड में बद्रीनाथ और केदारनाथ पुनर्निर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे ऐतिहासिक कार्य हुए।
नकल विरोधी कानून और पारदर्शिता
उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के तौर पर नियुक्त 1900 युवाओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि अब बिना पर्चा और खर्च के सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, जिससे रोजगार प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
कुंभ मेला और वाइब्रेंट विलेज योजना
Amit Shah ने कहा कि 2027 में हरिद्वार कुंभ मेला आयोजित किया जाएगा, जो सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा। उन्होंने वाइब्रेंट विलेज योजना का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य सीमांत गांवों में पलायन रोकना है। उत्तराखंड के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी।
घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कदम
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केदारनाथ से कन्याकुमारी तक सरकार प्रत्येक घुसपैठिये को बाहर करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए बताया कि यूसीसी लागू कर अप्राकृतिक डेमोग्राफी परिवर्तन को रोका जा रहा है। साथ ही, एसआईआर के तहत अवैध नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे।
धामी के नेतृत्व में राज्य में विकास और सुशासन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2022 में जनता ने प्रचंड बहुमत से सरकार को पुनः आशीर्वाद दिया। उन्होंने बताया कि राज्य में जी-20 सम्मेलन और राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हुआ, जिसमें उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक मैडल जीतकर 7वां स्थान प्राप्त किया। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शीतकालीन यात्रा शुरू की गई।
आर्थिक विकास के आंकड़े
धामी ने बताया कि बीते चार साल में राज्य की आर्थिकी डेढ़ गुना बढ़ी। जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई और प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। राज्य बजट ₹60 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख करोड़ से अधिक हो गया। बीते चार वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए और स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर 1,700 हो गई।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मान्यता
धामी ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास इंडेक्स में उत्तराखंड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पर्यटन, एविएशन और खेल के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए। नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टार्टअप इकोसिस्टम, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस और स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स में राज्य ने कई पुरस्कार अर्जित किए।
समान नागरिक संहिता और सामाजिक न्याय
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए। ऑपरेशन कालनेमी और सघन सत्यापन अभियान के माध्यम से घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सख्त भू-कानून के जरिए पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध भूमि खरीद पर रोक लगाई गई।
समारोह में प्रमुख उपस्थितियां
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूडी, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, हरिद्वार सांसद और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत, पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत, पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, अन्य सांसद, कैबिनेट मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहे।
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