
मोदी सरकार NSO का डेटा क्यों रोकना चाहती है?
- केंद्र सरकार ने नेशनल स्टैस्टिकल ऑफिस यानी एनएसओ के 2017-18 के उपभोक्ता खर्च सर्वे डेटा को जारी नहीं करने का फ़ैसला किया है.
- सांख्यिकी और योजना कार्यान्वयन मंत्रालय ने बताया कि 'गुणवत्ता' को देखते हुए मंत्रालय ने ये फ़ैसला किया है.
- मंत्रालय ने कहा है कि मंत्रालय 2020-21 और 2021-22 में उपभोक्ता खर्च सर्वे कराने की संभावनाओं पर विचार कर रही है.
- अगर ये डेटा जारी नहीं होता है तो भारत में दस सालों की ग़रीबी का अनुमान मुश्किल होगा. इससे पहले यह सर्वे 2011-12 में हुआ था.
- पिछले 40 सालों में लोगों के खर्च करने क्षमता कम हुई है. हालांकि सरकार का कहना है कि रिपोर्ट अभी ड्राफ़्ट है और इसका कोई डेटा सामने नहीं आया है.
Sunday, 17 November 2019




























































