हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 : सिर्फ लहर के भरोसे नहीं है बीजेपी!
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हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 : सिर्फ लहर के भरोसे नहीं है बीजेपी!

By News18 calender  03-Sep-2019

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 : सिर्फ लहर के भरोसे नहीं है बीजेपी!

हरियाणा विधानसभा चुनाव में 75 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखने वाली बीजेपी चुनाव में सिर्फ लहर के भरोसे नहीं उतरेगी. बल्कि इसके लिए वो बूथ लेवल से भी नीचे तक अपना संगठन मजबूत करने में जुटी हुई है. बूथ अध्यक्ष से नीचे पन्ना प्रमुख हैं, जिनमें हौसला भरने का काम हो रहा है. 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जाटलैंड रोहतक में पन्ना प्रमुख महा सम्मेलन को संबोधित करेंगे. वो उन्हें चुनाव में जीत का मंत्र देंगे. इसी दिन पार्टी की जन आशीर्वाद यात्रा का समापन भी हो रहा है. कोशिश ये है कि ग्राउंड लेवल पर संगठन कहीं से कमजोर न होने पाए.

इस समय हरियाणा में विपक्ष आपसी झगड़ों में उलझा हुआ है. इनेलो दो फाड़ हो चुकी है और कांग्रेस नेतृत्व तय नहीं कर पा रहा कि आखिर पार्टी की कमान किसके हाथ में दी जाए. ऐसे में बीजेपी के हौसले बुलंद हैं. सीएम मनोहरलाल खट्टर प्रदेश के सभी जिलों में जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं. माहौल बीजेपी के पक्ष में दिखाई दे रहा है इसलिए दूसरी पार्टियों के 14 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं. इसके बावजूद पार्टी कहीं से चूकना नहीं चाहती. यही वजह है कि पन्ना प्रमुखों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
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बीजेपी के प्रदेश महासचिव संदीप जोशी के मुताबिक हरियाणा में करीब तीन लाख पन्ना प्रमुख हैं. रोहतक में इनका सम्मेलन है. हमारी कोशिश है कि कार्यकर्ता यह महसूस करे कि पार्टी उनके साथ है. प्रदेश में करीब 19 हजार बूथ हैं. किसी जगह की वोटर लिस्ट में जितने पेज होते हैं. पार्टी एक-एक कार्यकर्ता को एक-एक पेज यानी पन्ने का जिम्मा सौंप देती है. मतलब जो जिस पन्ने का इंचार्ज है वो उसमें शामिल वोटरों के संपर्क में रहेगा और उन्हें बीजेपी के लिए वोट दिलवाने का काम करेगा.

मेरा पन्ना सबसे चौकन्ना
पार्टी ने अपने सभी कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया है कि वे अपने पन्ना प्रमुख के साथ सेल्फी लेकर व्हाट्सएप करें. इसके लिए एक नंबर जारी किया गया है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर सेल्फी विद पन्ना प्रमुख हैशटैग से पोस्ट करें. चुनाव को लेकर 'मेरा पन्ना सबसे चौकन्ना' अभियान भी शुरू किया गया है. बीजेपी की कोशिश ये है कि सबसे निचले स्तर के पदाधिकारी जरूर खुश रहें, ताकि उसका फायदा चुनाव में लिया जा सके.
90 विधानसभा सीटों का गणित
हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटें हैं. लोकसभा चुनाव की वोटिंग के हिसाब से बीजेपी इनमें से सिर्फ 11 सीटों पर ही अन्य पार्टियों से पीछे थी. ये 11 सीटें जाट एवं मुस्लिम बहुल क्षेत्रों की थीं. इसलिए चुन-चुनकर मेवात और जाटलैंड से संबंध रखने वाले दूसरी पार्टियों के नेताओं को अपने पाले में किया जा रहा है. बीजेपी के पास अपनी 48 सीट हैं. दूसरे दलों से पार्टी में आने वाले नेताओं का दिल खोलकर स्वागत किया जा रहा है. तर्क यह है कि जितने लोग आएंगे पार्टी उतनी ही मजबूत होगी.

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